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वीआरजी कॉलेज में मना अंतरराष्ट्रीय युवा कौशल दिवस; सायबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

कॉलेज प्राचार्य डॉ श्रीवास्तव ने कहा वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में यूजी-पीजी डिग्री पर्याप्त नहीं, बल्कि छात्रों को डिग्री कोर्स के साथ एक या दो कौशल प्रशिक्षण भी अवश्य प्राप्त करना चाहिए

ग्वालियर। अंतरराष्ट्रीय युवा कौशल दिवस के अवसर पर विजयाराजे शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मुरार में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा एनआईआईटी फाउंडेशन (NIIT Foundation) के सहयोग से "सायबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस" विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज की विभिन्न संकायों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके श्रीवास्तव ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल स्नातक अथवा स्नातकोत्तर डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को डिग्री पाठ्यक्रम के साथ एक या दो कौशल आधारित प्रशिक्षण भी अवश्य प्राप्त करना चाहिए, ताकि रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

कॉलेज की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की प्रभारी डॉ. रेनू एस. नायर ने छात्राओं को उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक तकनीकों में दक्षता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. राजवीर किरार ने कहा कि अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप कौशल विकास पाठ्यक्रमों का चयन करने से भविष्य में उपयुक्त कैरियर का चयन करना अधिक सरल हो जाता है। कार्यक्रम में एनआईआईटी फाउंडेशन के प्रतिनिधि राहुल गौतम ने छात्राओं को कौशल विकास से जुड़े विभिन्न रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कॉलेज में एनआईआईटी फाउंडेशन द्वारा छात्राओं के लिए सायबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर 150 घंटे का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में दक्षता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम का संचालन कॉलेज की प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. शर्मिला जैन ने किया। उन्होंने 'पीएम कौशल विकास योजना' के अंतर्गत कॉलेज में संचालित तीन कौशल आधारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। 

उन्होंने छात्राओं से इनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा देशपांडे, डॉ. अर्चना शर्मा, प्रशिक्षक शिवम कटारे, आकांक्षा कुशवाह, विमलेश पाल, अर्नव गुप्ता एवं शुभम माहेश्वरी सहित कॉलेज का शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं द्वारा "आधुनिक तकनीकें एवं उनका पर्यावरण पर प्रभाव" विषय पर आकर्षक पोस्टर भी तैयार किए गए, जिनके माध्यम से तकनीकी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया।गया।