ग्वालियर। प्रदेशभर में आयोजित एक दिवसीय विशेष राजस्व कर वसूली शिविर में नगर निगम ग्वालियर ने संपत्ति कर एवं जलकर वसूली में प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व वसूल किया है। जिसमें संपत्ति कर 2 करोड़ 51 लाख से अधिक एवं जलकर 25 लाख 23 हजार रुपए से अधिक का वसूल किया है।
अपर आयुक्त सम्पत्ति-कर मुनीष सिंह सिकरवार ने बताया कि नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के निर्देशन में नगर निगम ग्वालियर द्वारा एक दिवसीय विशेष राजस्व वसूली शिविर 10 जुलाई को आयोजित किया गया। इस शिविर के दौरान राज्य शासन के निर्देशानुसार संपत्तिकर एवं जलकर जमा करने पर विशेष अग्रिम छूट का लाभ दिया गया। सभी क्षेत्रीय कार्यालयों पर विशेष सम्पत्तिकर एवं जलकर शिविर में शाम 7:00 बजे तक नगर निगम ग्वालियर द्वारा 1892 रिसिप्ट काटकर कुल 2 करोड़ 51 लाख 5555 संपत्ति कर जमा कराया गया।
इसके साथ ही जलकर वसूली में 2044 रसीद काटकर 25 लाख 23 हजार रुपए जलकर जमा कराया गया। जो कि प्रदेश की सभी नगर निगम में आज की सर्वाधिक वसूली है।
प्रभारी कार्यपालन यंत्रियों को सौंपे प्रभार
ग्वालियर नगर निगम में कार्य सुविधा एवं प्रशासनिक दृष्टि से नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने जल प्रदाय एवं सीवर विभाग में कार्यपालन यंत्रियों के पद खाली हैं, ऐसे में सीवर एवं जल प्रदाय कार्य के प्रबंधन के लिए प्रभारी कार्यपालन यंत्रियों का दायित्व एवं कार्य का प्रभार सौंपा है।
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने महेंद्र प्रसाद अग्रवाल प्रभारी कार्यपालन यंत्री को ग्वालियर पूर्व विधानसभा जल प्रदाय एवं सीवर, प्रवीण दीक्षित ग्वालियर दक्षिण विधानसभा जल प्रदाय एवं सीवर के साथ केंद्रीय भण्डार थाटीपुर, शिशिर श्रीवास्तव ग्वालियर विधानसभा जल प्रदाय एवं सीवर के साथ अमृत योजना 1.0 के तहत सीवर संधारण के संबंध में भविष्य में की जाने वाले कार्यवाही, सीवेज पंपिंग स्टेशन एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन एवं संधारण का कार्य। अमृत योजना के तहत डाली गई मैन ट्रंक लाइन के संधारण का दायित्व दिया गया है। हेमंत शर्मा प्रभारी कार्यपालन यंत्री जलप्रदाय मोतीझील एवं ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा जलप्रदाय एवं सीवर का दायित्व दिया गया है। जबकि शालिनी सिंह निगम मुख्यालय अंतर्गत अमृत 2.0 से संबंधित समस्त विभागीय पत्राचार, मॉनिटरिंग, न्यायालीय प्रकरण, ईओडब्लू, लोकायुक्त एवं अन्य शिकायत संबंधी कार्य के साथ विधानसभावार प्रभारी कार्यपालन यंत्री एवं जलप्रदाय विभाग के कार्यपालन यंत्रियों से समन्वय कर नोडल अधिकारी के पद का दायित्व दिया है, साथ ही सभी के शेष कार्य यथावत रहेंगे।
