ग्वालियर। जिले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की पहल पर औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया गया है। जिले में 'टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन' की स्थापना के लिए विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के अधिपत्य वाली 100 एकड़ (40.468 हेक्टेयर) भूमि को वापस लेकर राजस्व विभाग के नाम दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान द्वारा जारी किया गया है।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूर्व में साडा (माधवराव काउंटर मैग्नेट सिटी) को विकास योजनाओं के लिए शासकीय भूमि आवंटित की गई थी। मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की मांग पर इस भूमि में से औद्योगिक उपयोग के लिए जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा इस संबंध में अनापत्ति प्रदान किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।
इन गांवों की भूमि होगी हस्तांतरित
कलेक्टर न्यायालय द्वारा जारी आदेश के तहत, ग्राम कुलैथ के विभिन्न सर्वे नंबरों की 32.422 हेक्टेयर और ग्राम सौजना के विभिन्न सर्वे नंबरों की 13.529 हेक्टेयर भूमि (कुल रकबा 45.951 हेक्टेयर) में से मार्ग (रास्ते) की भूमि को छोड़कर शेष 40.468 हेक्टेयर (100 एकड़) भूमि को साडा से वापस लिया जा रहा है।
इस भूमि को पुनः मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग के नाम पर दर्ज किया जाएगा, जिसके बाद इसे 'टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन' की स्थापना के लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश
कलेक्टर रुचिका चौहान ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) और नजूल अधिकारी ग्वालियर सिटी को निर्देशित किया है कि वे तत्काल उक्त भूमि को राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज कर खसरे की प्रति कलेक्टरेट कार्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। साथ ही संबंधित क्षेत्र के नायब तहसीलदार और पटवारी को भी राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टि व संशोधन करने के आदेश दिए गए हैं।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से ग्वालियर क्षेत्र में टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
