ग्वालियर। महानगर के समीप स्थित ग्राम कुलैथ में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। यहाँ की परंपरा के अनुसार प्रभु जगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र महाराज और बहन सुभद्रा रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे ।
ग्राम कुलैथ जिला ग्वालियर स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष भी रथयात्रा उत्सव को लेकर तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। मंदिर में विराजमान 179 वर्ष पुरानी भगवान श्रीजगन्नाथ प्रभु, बहन सुभद्रा और भाई बलदाऊ जी की दिव्य काष्ठ मूर्तियों का डॉ.अश्विनी अग्रवाल ने मनोहारी और भव्य श्रृंगार किया गया है। ग्वालियर निवासी डॉ.अग्रवाल पिछले कई वर्षों से मंदिर से जुड़ी रही हैं। मंदिर के पुजारी किशोरीलाल को यह परिवार अपना गुरु मानता है।
गौरतलब है कि महाप्रभु के आदेश और गुरु कृपा से इन प्राचीन मूर्तियों का पहली बार श्रृंगार वर्ष 2025 में इनके द्वारा ही किया गया था।
चमत्कारी चावल घट का भोग स्वीकारते हैं महाप्रभु
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब भी महाप्रभु को 'चावल भरे घट' अर्पित किए जाते हैं, तो प्रभु ने उन्हें सहर्ष स्वीकार करते हैं। पुजारी किशोरी लाल जी के अनुसार महाप्रभु के सम्मुख चावल से भरे घट रखते ही प्रभु जगन्नाथ जी द्वारा भोग स्वीकार किए जाने का अद्भुत संयोग भक्तों के सामने वर्षो से होते देखा जा है।
तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रमों में 15 जुलाई बुधवार की सुबह 'ज्वर लीला' के समापन के बाद महाप्रभु अपने भव्य स्वरूप में भक्तों को अलौकिक दर्शन देंगे। इसी के साथ तीन दिवसीय भव्य मेले का शुभारंभ होगा, इसके बाद दूसरे दिन 16 जुलाई गुरुवार को दोपहर 3 बजे महाप्रभु को मंदिर में चावल भरे घट अर्पित किए जाएंगे। तत्पश्चात रथयात्रा ग्राम कुलैथ से जनकपुरी मैदान के लिए प्रस्थान करेगी। इस दौरान पूरे रथयात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा रथयात्रा का भव्य स्वागत-सत्कार किया जाएगा। प्रभु रात्रि विश्राम जनकपुरी में करेंगे, जहां रातभर भक्त भजन-कीर्तन करेंगे। 17 जुलाई शाम करीब 4 बजे जनकपुरी मैदान में महाप्रभु की भव्य आरती होगी। इसके बाद भगवान के सामने चावल भरे घट चढ़ाए जाएंगे, जो जनआस्था के अनुसार स्वयं चार भागों में विभाजित हो जाते हैं। इसके बाद प्रसिद्ध महाप्रसाद 'भगवान का भात, दुनिया पसारे हाथ' का वितरण किया जाएगा। मंदिर में पुनर्स्थापना महाप्रसाद वितरण के बाद रथयात्रा सम्मान सहित वापस मुख्य मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी।
कुलैथ मंदिर पहुंचने पर भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा जी और भ्राता बलदाऊ जी को पुनः गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु रातभर भजन-कीर्तन का आनंद लेंगे और रात्रि करीब 8 बजे भगवान के समक्ष अंतिम बार चावल घट अर्पित किए जाएंगे। इस भव्य उत्सव को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।है।
