दतिया/ ग्वालियर। दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त किए जाने का फैसला बरकरार रहने और दतिया विधानसभा उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि 1 अप्रैल को दिल्ली की विशेष अदालत ने वर्ष 1998 के दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक एफडी धोखाधड़ी मामले में राजेंद्र भारती को भादंसं की धारा 120बी, 420 तथा जालसाजी से संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया था। इसके बाद 2 अप्रैल को अदालत ने उन्हें तीन वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। मामला दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की एक एफडी में कथित हेराफेरी से जुड़ा था। आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में फेरबदल कर एफडी की अवधि बढ़ाकर उस आधार पर ब्याज राशि प्राप्त की गई। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष और संबंधित संस्थान के ट्रस्टी थे। उन पर पद और अधिकारों के दुरुपयोग का भी आरोप लगा था। सजा सुनाए जाने के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
