ग्वालियर में सुर्खियों में रहे अक्षया यादव हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने करीब तीन साल बाद बुधवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चारों दोषियों बाला सुरवे, पृथ्वीराज चौहान, उपदेश रावत और सुमित रावत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना 10 जुलाई 2023 में माधौगंज थाना क्षेत्र के बेटी बचाओ चौराहे तिलक नगर कॉलोनी के पास हुई थी।
अक्षया यादव पूर्व डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव की नातिन थीं। पुलिस जांच में सामने आया था कि हमलावरों का निशाना अक्षया नहीं, बल्कि उसकी सहेली थी।
फायरिंग के दौरान गोली अक्षया यादव को लगी थी। दोनों सहेली एमएलबी कॉलोनी पड़ाव से कोचिंग से आ रही थीं, उसकी सहेली उसे अस्पताल ले गई थी, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 26 गवाहों के बयान दर्ज कराए। गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी पाया। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक प्रज्ञादीप राहुल के अनुसार अपर एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर चार आरोपियों सुमित रावत, मोन्टी उर्फ उपदेश रावत, राहुल उर्फ बाला सुर्वे, पृथ्वीराज चौहान को आजीवन कारावास की सजा की सजा सुनाई है।है।
