ग्वालियर। अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्टर रुचिका चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में राहत प्रकरणों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा पीड़ित को समय-सीमा में राहत राशि मुहैया कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में राहत प्रकरणों के तहत प्रचलित प्रकरणों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, उप पुलिस अधीक्षक एजेके विजय सिंह, एडीपीओ सतीश कटारे, विधायक प्रतिनिधि कुलदीप सिंह मौर्य, विधायक प्रतिनिधि चंद्रभान मंडेलिया, सचिव वनवासी आवासीय विद्यालय डबरा मनोज मोदी, विधायक प्रतिनिधि डॉ. राकेश अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा है कि अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पंजीबद्ध प्रकरणों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रकरणों के निराकरण में जो भी दस्तावेज आवश्यक हैं उनको विभागीय अधिकारी तत्परता से बनाकर दें ताकि प्रकरणों का निराकरण हो सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि राहत प्रकरणों में पीड़ित को राहत राशि का वितरण भी समय पर हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समिति के सदस्यों से भी आग्रह किया है कि जाति प्रमाण-पत्र के लिये अपने स्तर से लोगों को जागरूक करें। हर व्यक्ति के पास जाति प्रमाण-पत्र हो, इसके लिये निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर प्रमाण-पत्र तैयार कराएं।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने निर्देशित किया है कि अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रकरणों में जनजागरूकता के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों का आयोजन भी किया जाए। शिविरों के माध्यम से भी लोगों में जागरूकता फैलाने का कार्य किया जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बैठक में पुलिस अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि राहत प्रकरणों का निराकरण तत्परता से हो। प्रकरणों के निराकरण के लिये जो भी दस्तावेज अपेक्षित हैं उनको बनवाने के लिये भी संबंधित अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर बनवाया जाए ताकि प्रकरणों का निराकरण तेजी के साथ हो सके। राहत प्रकरणों में जो शासन द्वारा निर्धारित सहायता राशि दी जाती है उसका वितरण भी समय-सीमा में पूर्ण हो।
बैठक में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि खंड स्तरीय समितियों की बैठकें भी नियमित हों। इन बैठकों में पुलिस अधिकारी के साथ-साथ समिति के सदस्यों की उपस्थिति में राहत प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की जाए और प्रकरणों का निराकरण तेजी से हो यह सुनिश्चित किया जाए।जाए।
