ग्वालियर। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार की मध्य रात्रि लगभग 1.30 बजे सिविल हॉस्पिटल हजीरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से चर्चा कर उनकी कुशलक्षेम जानी तथा उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल में स्वच्छता, दवाइयों की उपलब्धता एवं रात्रि-कालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। ऊर्जा मंत्री ने सोमवार की मध्य रात्रि 12:45 बजे बहोड़ापुर स्थित कुशवाह मोहल्ला पहुंचकर सीवर सफाई अभियान के अंतर्गत चल रहे सीवर सफाई कार्य का निरीक्षण किया।
इसी क्रम में उन्होंने संत कृपाल आश्रम से कोटेश्वर रोड तक चल रहे नाला सफाई कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने बरसात के मौसम से पहले जल निकासी व्यवस्था को बेहतर एवं सुचारु बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सफाई कार्य में गति लाने तथा आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने सोमवार रात्रि क्षेत्र भ्रमण के क्रम में विनय नगर में ‘जन चौपाल’ लगाकर स्थानीय नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं को जाना और बहुमूल्य सुझाव सुने।
तोमर ने जनसमस्याओं के समयबद्ध एवं त्वरित निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। ऊर्जा मंत्री सिंह बीते रोज पीपल वाले हनुमान जी मंदिर में आयोजित 'श्री सीताराम संकीर्तन' में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं के साथ प्रभु भक्ति एवं अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम एवं संकटमोचन बजरंगबली का आशीर्वाद सभी प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे, यही मंगल कामना है।
आईसीयू का एसी खराब होने पर प्रबंधन की जमकर लगाई क्लास, अस्पताल के किचन में भोजन की गुणवत्ता भी जांची
ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर ने किया सिविल अस्पताल हजीरा का औचक निरीक्षण में उन्होंने आईसीयू, जरनल वार्ड में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया, साथ ही आईसीयू में खराब एसी होने पर प्रबंधन को जमकर फटकार भी लगाई है।
ऊर्जा मंत्री ने औचक निरीक्षण के दौरान आईसीयू में भर्ती वरिष्ठ कार्यकर्ता कोक सिंह राठौर के पैर दबाकर सेवाभाव व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने सिविल अस्पताल की रसोई में भर्ती मरीजों को मिलने वाले भोजन का निरिक्षण किया , यहाँ मंत्री ने दाल, चावल एवं अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता का अवलोकन किया और अस्पताल की रसोई (किचन) में पहुँचकर मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए स्वयं भोजन ग्रहण कर जाँच की।
बाद में ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों के उपचार एवं खान-पान की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जाएगी।
