ग्वालियर जिले में मादक पदार्थों एवं अन्य नशीली दवाओं की रोकथाम एवं बेहतर समन्वय एवं नशामुक्त बनाये जाने के सोमवार को आज कलेक्टर ग्वालियर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्को कॉर्डिनेशन समिति (NCORD) की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने जिले में नशा उन्मूलन एवं मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर एवं एसएसपी ने कहा कि नागरिकों, विशेषकर बच्चों एवं युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध गतिविधियों पर कठोर निगरानी रखने के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक है।
एसएसपी ने बैठक में मादक पदार्थ बिक्री वाले स्थानों की सतत निगरानी, मादक फसलों की अवैध खेती पर नियंत्रण, नशे के रूप में दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम तथा नशे के विरुद्ध व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की शिकायत हेतु टोल फ्री नम्बर 1933 के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। उन्होने कहा कि नशे में प्रयुक्त होने वाले गोगो पेपर व अन्य सामग्री की बिक्री पर भी रोकथाम की आवश्यकता है क्योंकि यह एक प्रकार का रोलिंग पेपर है, जिसका उपयोग गांजा, चरस व अन्य मादक पदार्थों को लपेटकर ज्वाइंट बनाने में किया जाता है। बैठक में मादक पदार्थों के व्यवसाय में संलिप्त आरोपीगणों को सूचीबद्ध किये जाने एवं उनके डोजियर भरे जाने की कार्यवाही तथा ऐसे आरोपीगणों पर वाउण्ड ओवर / निरोधाक्तमक कार्यवाही के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर ने सभी को निर्देश दिए कि स्कूल-कॉलेजों व कोचिंग संस्थानों में नशा उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं। जिले में संवेदनशील स्थानों पर सतत् निगरानी रखी जाए। उन्होंने डीएफओ को जिले में अफीम, भांग आदि मादक फसलों की अवैध खेती पर कड़ी निगरानी रखने तथा ऐसी गतिविधियों को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार जिला आबकारी अधिकारी को अवैध शराब बनाने व बिकी वालों का पता लगाने और कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के रूप में दवाओं के उपयोग को रोकने के लिये मेडिकल स्टोर्स से बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का विक्रय नहीं करने और मेडिकल स्टोर्स की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होने कोरेक्स जैसी दवाइयों या अन्य ऐसी नशीली दवाइयां या केमिकल / रसायन जिसका उपयोग ड्रग्स बतौर किये जाने की सम्भावना होती है, इस पर जिला औषधि निरीक्षक को कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित कर जुलाई माह से स्कूलों और कॉलेजों तथा कोचिंग संस्थाओं में नशीली दवाओं के उपयोग के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने और जागरूक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन, पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयास से ही नशामुक्त जिला बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
बैठक में पुष्पा ढोड़ी जिला शिक्षा अधिकारी, रणवीर सिंह जाटव उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि, सचिन श्रीवास्तव जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी, विनोद सिंह संयुक्त कलेक्टर, नोडल अधिकारी अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जयराज कुबेर, मेहुल कुमार झा कस्टम / सेंट्रल जीएसटी, मुकेश पटेल जिला वन अधिकारी, उमेश रामचंदानी जिला औषधि निरीक्षक, राकेश कुर्मी जिला आबकारी अधिकारी, कौशिक मन्ना अधीक्षक एनसीबी उपस्थित रहे।
