ग्वालियर। नगरीय निकाय और पंचायतें आत्म निर्भर बनें इसके लिये सार्थक प्रयास किये जाना चाहिये। केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा विकास के लिये दी जाने वाली धनराशि का शत प्रतिशत सदुपयोग हो यह भी सुनिश्चित किया जावे। यह बात राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने बुधवार को ग्वालियर संभाग के सभी कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय विकास के अधिकारियों की बैठक में कही।
संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में राज्य वित्त आयोग की बैठक में राज्य वित्त आयोग के सदस्य केके सिंह, सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार सहित संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर ग्वालियर रूचिका चौहान, गुना कलेक्टर किशोर कान्याल, दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े, शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा, अशोक नगर कलेक्टर साकेत मालवीय, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय सहित संभाग के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं नगर निगम के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि राज्यकोष से मिलने वाला धन जनता का धन है इसका उपयोग गुणवत्ता के साथ जनहित में लिया जाना चाहिये। उन्होने कहा कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष प्रयास किये जाना चाहिये।
उन्होनें सौलर ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा सौलर प्लांट स्थापित की आवश्यकता बताई। सौलर ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा सौलर प्लांट स्थापित पाने के लिये उपयुक्त स्थान निश्चित करने पर ही बल दिया।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने कहा कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक गतविधियां आयोजित की जाना चाहिये।
बैठक में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की वित्तीय स्थिति, पारदर्शिता, विकास कार्यो की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में आयोग के सदस्य केके सिंह एवं सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने आयोग की मंशा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बैठक में संभागीय आयुक्त मनोज खत्री सहित संभाग के सभी कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही नगरीय एवं ग्रामीण संभागों को आत्म निर्भर बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये।गये।
