राजनीति

कैबिनेट में लिए कई निर्णय ;12 योजनाओं को 30 हजार 55 करोड़ मंजूर रूपये की कैबिनेट स्वीकृति: 4 नए जिले, 4 स्टेशन और 8 बस स्टैंड पर बच्चों के लिए बनेंगी हेल्पडेस्क

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए निर्णय के अनुसार 1 जून से 15 जून तक होगें तबादले, स्थानान्तरण नीति वर्ष-2026 का अनुमोदन: दो मंत्री पीएम मोदी की अपील पर वल्लभ भवन ई-रिक्शे में बैठकर कैबिनेट में हिस्सा लेने पहुंचे

भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक हुई।  बैठक में मध्यप्रदेश के विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 30,055 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां दी गई। मंत्रि-परिषद ने राज्य के कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति -2026 को भी मंजूरी दी है। साथ ही राज्य के विभिन्न वर्गों के हित में कई बड़े निर्णय लिए गए। इसमें वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन योजना के लिए 15,184.42 करोड़ रुपये के साथ ही विभिन्न आपदाओं में किसानों को संबल देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के निरंतर क्रियान्वयन के लिए 11,608.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके साथ ही श्रमिक कल्याण की योजनाओं के लिए 1,779.07 करोड़ रुपये, सिवनी और देवास की समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 593 करोड़ 24 लाख रुपये, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालन के लिए 373 करोड़ 38 लाख रुपये, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए 360 करोड़ रुपये तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित शौर्य दल और चाइल्ड हेल्पलाइन योजनाओं के लिए 156 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

राज्य सरकार ने बुधवार को सात विभागों की 12 अलग-अलग योजनाओं के लिए कैबिनेट बैठक में 30 हजार 55 करोड़ रुपए की वित्तीय मंजूरी जारी कर दी गई है।

किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों, मजदूरों और बच्चों की बेहतरी से जुड़ी यह योजनाएं अब प्रदेश में अगले पांच साल तक निरंतर संचालित होती रहेगी। 

वहीं प्रदेश के दो मंत्री पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर अमल करते हुए 74 बंगले से वल्लभ भवन तक ई-रिक्शे में बैठकर कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे।

स्थानान्तरण नीति वर्ष 2026 का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने "राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की स्थानान्तरण नीति वर्ष 2026" का अनुमोदन किया है। स्वीकृति अनुसार इस वर्ष 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक की अवधि के लिये स्थानांतरण से प्रतिबंध शिथिल किया जायेगा। 

पद एवं संवर्ग संख्या के आधार पर अधिकतम स्थानांतरण की संख्या का निर्धारण स्थानांतरण नीति में स्पष्ट किया है। पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ किये जाने तथा स्वयं की गंभीर बीमारियों के प्रकरण में स्थानांतरण को विभागों के निर्धारित प्रतिशत या संख्या के अतिरिक्त रखा है।

जिला एवं राज्य संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के भीतर स्थानांतरण प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से किया जायेगा। सभी विभागों के विभागाध्यक्ष तथा शासकीय उपक्रमों एवं संस्थाओं में पदस्थ प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का स्थानांतरण समन्वय में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद किया जायेगा।

भोजशाला : सरस्वती लोक या तीर्थ क्षेत्र जैसा बनाएंगे

सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द वाग्देवी (सरस्वती) की प्रतिमा को लंदन से लाने के लिए प्रयास करेगी। 750 साल के बाद धार की ऐतिहासिक भोजशाला को अपने मूल स्वरूप में लाने के प्रयास सफल हुए हैं। मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि सीएम ने कहा है कि भोजशाला को सरस्वती लोक या तीर्थ क्षेत्र जैसा विकसित करेंगे।करेंगे।


दो मंत्री पीएम मोदी की अपील पर वल्लभ भवन ई-रिक्शे में बैठकर कैबिनेट में हिस्सा लेने पहुंचे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से किए गए ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के आह्वान को आत्मसात करते हुए, बुधवार को कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल और मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए ई-रिक्शा से मंत्रालय पहुंचे।

"सुरक्षित पर्यावरण का यही आधार-ईंधन बचत हर बार" का संदेश देते राज्यमंत्री  टेटवाल कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसाधनों के संयमित उपयोग का जो आह्वान किया है, उसे आत्मसात कर हम सभी को अपने आचरण से दूसरों को प्रेरित करना चाहिए।

ऊर्जा बचत को जन आंदोलन बनाने की अपील

मंत्री टेटवाल और मंत्री पंवार ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी को पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और ऊर्जा बचत को एक जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में एक आत्मनिर्भर, स्वच्छ एवं सशक्त भारत के निर्माण की मजबूत नींव तैयार करेंगे।