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'स्नातक पाठ्यक्रमों' में शहीदों की विधवाओं एवं संतानों के लिए एक सीट आरक्षित, उच्च शिक्षा विभाग ने समस्त विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों को जारी किए निर्देश

आयुक्त उच्च शिक्षा के निर्देशानुसार प्रत्येक यूजी कोर्स में स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त एक सुपरन्यूमेरेरी (अतिरिक्त) सीट निर्धारित की है, इससे नियमित सीटों की संख्या प्रभावित नहीं होगी

ग्वालियर। उच्च शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री यादव की घोषणा के परिपालन में प्रदेश के सभी ग्रेजुएशन (यूजी) के पाठ्यक्रमों में पुलिस, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) में शहीद होने वाले कर्मियों की विधवाओं तथा उनके आश्रित बच्चों के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित की है।

प्रदेश में अब पुलिस और होमगार्ड की सेवा दे रहे कर्मचारियों, अधिकारियों की ड्यूटी के दौरान शहादत पर उनके परिजनों को ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए सरकार हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सीट रिजर्व करेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं।

 आयुक्त उच्च शिक्षा द्वारा इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विभाग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक स्नातक पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त एक सुपरन्यूमेरेरी (अतिरिक्त) सीट निर्धारित की गई है, इससे नियमित सीटों की संख्या प्रभावित नहीं होगी। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा है कि यह निर्णय शहीद कर्मियों के परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार का संवेदनशील एवं सराहनीय कदम साबित होगा।

इस आरक्षण का लाभ केवल पात्र अभ्यर्थियों को सक्षम प्राधिकारी (गृह विभाग अथवा संबंधित विभाग) द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर मिलेगा। पात्र अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर पृथक श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करना होगा।

अतिरिक्त सीट के लिए पात्र उम्मीदवार यह होंगे