ग्वालियर। पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सुरक्षाबलों में कैरियर का मौका देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत ग्वालियर जिले में 80 बालिकाओं और 120 बालकों को 45 दिन का आवासीय प्रशिक्षण आईपीएस कॉलेज में दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह घुरैया, कलेक्टर रुचिका चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया,आईपीएस कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी पीके घोष सहित प्रशिक्षणार्थी मौजूद थे।
जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश जाटव ने प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना प्रारंभ की है। प्रशिक्षण ले रहे सभी अभ्यर्थी पूरी लगन और मेहनत के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर परिश्रम करने वाले कभी असफल नहीं होते हैं।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षणार्थियों से कहा है कि युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री की मंशा अनुरूप पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को सुरक्षा बलों में भर्ती होने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को शारीरिक व्यायाम और परीक्षा की तैयारियों के संबंध में भी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी लगन और मेहनत के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें और अपने जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करें। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को 1100 – 1100 रुपए का मानदेय भी उपलब्ध कराया जायेगा।
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत की उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह घुरैया एवं भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया ने भी युवाओं से आह्वान किया कि वे कड़ी मेहनत और लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर सुरक्षाबलों में अपना स्थान प्राप्त करें और देश के विकास में योगदान दें।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग कल्याण प्रीति दीक्षित ने योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया यह प्रशिक्षण पूर्णत: नि:शुल्क रहेगा। चयनित अभ्यर्थियों को आवास, भोजन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जायेगी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को शासन द्वारा निर्धारित 1100 – 1100 रुपए की शिक्षावृत्ति भी प्रदान की जायेगी। योजना के तहत अभ्यर्थी बारहवीं परीक्षा उत्तीण, मध्यप्रदेश का मूलनिवासी तथा पिछड़ा वर्ग का नॉन क्रीमीलेयर प्रमाण-पत्र होना आवश्यक है। निर्धारित आयु सीमा एवं शारीरिक मापदण्ड लागू रहेगा।
प्रशिक्षण के शुभारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के अंत में अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों को अध्ययन सामग्री का वितरण भी किया गया।गया।
