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'महर्षि वाल्मीकि प्रोत्साहन योजना'; ग्वालियर के नीट में सफल चार मेधावी अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की

इन सभी ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता अर्जित करते हुए एमबीबीएस एवं बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया है

ग्वालियर। अनुसूचित जाति के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा महर्षि वाल्मीकि प्रोत्साहन योजना संचालित है। ग्वालियर जिले के अनुसूचित जाति के 4 मेधावी विद्यार्थियों को इस योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।

 इन सभी विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित नीट परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता अर्जित करते हुए एमबीबीएस एवं बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया है। शासन की इस योजना का उद्देश्य ऐसे मेधावी विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाना है जो कठिन प्रतिस्पर्धा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हैं। 

 सहायक आयुक्त जनजाति कार्य से प्राप्त जानकारी के अनुसार नीट परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थी विमल झिन्गानिया, कृष्णा मौर्य व इशु पल को 50 – 50 हजार रुपए एवं अभिनव राज को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण कर आईआईटी, एम्स, एलएनआईयू व राष्ट्रीय रक्षा अकादमी व नीट परीक्षा पास कर एमबीबीएस इत्यादि में प्रवेश लेने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को महर्षि बाल्मीकि प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिये विद्यार्थी के माता- पिता व पालक एवं स्वयं की आय 6 लाख रुपए वार्षिक से अधिक नहीं होना चाहिए।