ग्वालियर। प्रारंभिक शिक्षा को नई पहचान देने की दिशा में सरकार द्वारा की गई पहल के तहत ग्वालियर जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में भी शाला पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे 5 से 6 आयु वर्ष के बच्चों को “विद्यारंभ प्रमाण-पत्र” प्रदान कर उन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर अग्रसर किया जाएगा। जिले में 24 मार्च को इस उद्देश्य से आंगनबाड़ियों में बाल चौपाल आयोजित कर समारोहपूर्वक प्रमाण-पत्र वितरित किए जायेंगे। इससे शाला पूर्व शिक्षा को सामाजिक और संस्थागत मान्यता मिलेगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास उपासना राय ने बताया कि बाल चौपाल के लिये आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पीले चावल सौंपकर बच्चों व अभिभावकों को आमंत्रित किया गया है। शहरी क्षेत्र के अंतर्गत मीडिया रिसोर्स सेंटर मुरार में बाल चौपाल का आयोजन किया जायेगा। इसी तरह जिले भर की आंगनबाड़ियों में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
यह पहल केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है, जिसके अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 5-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र देकर उनके शैक्षणिक जीवन की औपचारिक शुरुआत को मान्यता दी जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक विद्यालयी प्रणाली में सुगम संक्रमण को सुनिश्चित करना, परिवार और समुदाय को शाला पूर्व शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रारंभिक शिक्षा के सशक्त केन्द्र के रूप में स्थापित करना है।
विद्यारंभ प्रमाण-पत्र पहल से न केवल बच्चों की शैक्षणिक यात्रा में निरंतरता सुनिश्चित होगी बल्कि समुदाय में आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति विश्वास और सहभागिता भी बढ़ेगी। इससे बच्चों का स्कूल से जुड़ाव मजबूत होगा और भविष्य में ड्रॉपआउट दर कम करने में भी मदद मिलेगी।
