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MPL गवर्निंग बॉडी में चंद दिनों में करना पड़ा बदलाव: दो सदस्यों की नियुक्ति रद्द, आनन-फानन में नए नाम शामिल .. .

मप्र क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा हाल ही में लिए एक निर्णय को चंद दिनों के भीतर ही बदलना पड़ा, जानें आखिर क्या है इसकी वजह ?

ग्वालियर। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया द्वारा हाल ही में लिए गए एक निर्णय को चार दिनों के भीतर ही पलट दिया गया। उन्होंने MPL (मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग) की गवर्निंग कमेटी में दो नए सदस्यों , मंत्री  तोमर के बेटे रिपुदमन सिंह और सिंधिया के करीबी धीरज पाराशर को शामिल किया था। इन नियुक्तियों पर उठे विवाद के बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। 

जीडीसीए सूत्रों के अनुसार, जैसे ही इन नवनियुक्त मेंबर की  यह जानकारी केंद्रीय मंत्री सिंधिया तक पहुंची, उन्होंने तुरंत इस निर्णय को वापस लेने के निर्देश दिए। उनका मानना था कि इन नियुक्तियों पर सवाल उठना स्वाभाविक है, क्योंकि दोनों ही सदस्यों का क्रिकेट से कोई सीधा जुड़ाव नहीं है। अब नए सदस्यों के रूप में पूर्व जीडीसीए पदाधिकारी संग्राम सिंह कदम और विजय प्रकाश उर्फ बेटू शर्मा  को एमपीएल गवर्निंग बॉडी में शामिल किया गया है।

एमपीएल गवर्निंग बॉडी के नये सदस्यों का क्या है विवाद ! 

बता दे कि हाल ही में  ग्वालियर डिविजन क्रिकेट एसोसिएशन  के सचिव संजय आहूजा ने एमपीएल गवर्निंग बॉडी में दो नये सदस्य की नियुक्ति का आदेश जारी किया था। इस बात कि जानकारी जैसे ही क्रिकेट खिलाड़ीयों और पदाधिकारियों के समक्ष आई, क्रिकेट जगत में सवाल उठने लगे कि जब रिपुदमन और धीरज जीडीसीए के सदस्य तक नहीं हैं, तो उन्हें एमपीएल की गवर्निंग बॉडी में शामिल कैसे किया गया है, जिनका ग्वालियर और मध्यप्रदेश क्रिकेट से दूर तक न कोई लेना देना है। इन सभी विवादों और आलोचनाओं के बाद, महज चंद दिनों में ही यह निर्णय रद्द कर दिया गया है। बता दे कि इन दिनों एमपीएल के आगामी सीजन के  आयोजन की तैयारी ग्वालियर के नये  स्टेडियम में चल रही है, जहां नए सदस्यों के साथ समिति अब आगे की रूपरेखा तय करेगी।करेगी।