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"आरौन का जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर" बना भरोसे का मंच : आरौन के मजरे-टोले होंगे आबादी क्षेत्र घोषित, सीएम हैल्पलाइन की 2267 शिकायतों के निराकरण का जरिया बना शिविर, आयुर्वेदिक अस्पताल को मिली जमीन

कलेक्टर, जिपं सीईओ एवं एसडीएम सहित अधिकारियों ने किया समस्याओं का निराकरण, विधायक राठौर भी शिविर में शामिल हुए,शिविर में आए 43 आवेदनों में से अधिकांश का मौके पर निराकरण हुआ

ग्वालियर। “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत शुक्रवार को ग्वालियर जिले के ग्राम आरौन में आयोजित जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर ने शासन-प्रशासन और आमजन के बीच भरोसे को और मजबूत किया। यह शिविर सीएम हैल्पलाइन की 2267 शिकायतों के निराकरण का माध्यम बना, वहीं शिविर में प्राप्त 43 आवेदनों में से अधिकांश का निराकरण मौके पर ही किया गया। जिस काम के लिए ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते, उनका वह काम अपने गांव में ही हो गया। वहीं उद्यमी संवाद एवं लखपति दीदी संवाद ने स्थानीय युवाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई। इसी तरह आरौन से जुड़े मजरे-टोलों के आबादी क्षेत्र बनने का रास्ता खुला तो गाँव के आयुर्वेदिक अस्पताल के लिये जमीन चिन्हित हो गई। 

 शुक्रवार को आरौन के हाईस्कूल परिसर में विधायक मोहन सिंह राठौर की मौजूदगी में आयोजित हुए इस शिविर में कलेक्टर  रुचिका चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सोजान सिंह रावत, एसडीएम जुही गर्ग व सीईओ घाटीगांव  भारती धाकड़ सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया।

 इस अवसर पर विधायक मोहन सिंह राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आपके घर के नजदीक समस्याओं के समाधान के लिए जन-विश्वास शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की निगरानी राज्य स्तर से होती है।

 

आरौन से जुड़े मजरे-टोले होंगे आबादी क्षेत्र घोषित होंगे, मिलेगा योजनाओं का लाभ  

 शिविर की बड़ी सौगात यह रही कि आरौन ग्राम पंचायत से जुड़े मजरे-टोले बेरखेड़ा, लावन का पुरा, भगवानपुरा और किशनपुरा आबादी क्षेत्र घोषित होने का रास्ता खुला है। कलेक्टर चौहान ने राजस्व विभाग की टीम को क्षेत्र का सर्वेक्षण कर आबादी क्षेत्र घोषित करने की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। आबादी क्षेत्र घोषित होने पर इन मजरे-टोलों के निवासियों को शासन की तमाम विकास योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

आयुर्वेदिक अस्पताल भवन के लिए जमीन चिन्हित

 कलेक्टर रुचिका चौहान ने आरौन के आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन बनाने के लिए मौके पर ही जमीन का चिन्हांकन करा दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन निर्माण में आ रही जमीन संबंधी दिक्कत दूर कराई और जहां अस्पताल वर्तमान में संचालित है, उसके नजदीक ही शासकीय जमीन चिन्हित करवा दी। अब जल्द ही यहां अस्पताल भवन बनकर तैयार होगा।

हितग्राहियों को मिला विभिन्न योजनाओं का लाभ

 शिविर में लगभग एक दर्जन किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्रदान किए गए, जिनसे वे बिना ब्याज के कृषि ऋण प्राप्त कर सकेंगे। लगभग एक दर्जन पात्र हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन मौके पर ही स्वीकृत की गई। दो लोगों को राष्ट्रीय परिवार सहायता के तहत 20-20 हजार रुपए के स्वीकृति पत्र सौंपे गए। लाड़ली लक्ष्मी योजना में दो नन्ही बेटियों की माताओं को योजना के स्वीकृति पत्र दिए गए। जन सहयोग से स्कूली बच्चों को बैग वितरित किए गए। हाईस्कूल में उत्कृष्ट अंक हासिल कर प्रेरणास्रोत बने मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

नव उद्यमियों ने युवाओं को दिखाई स्वावलंबन की राह 

 उद्यमी संवाद के दौरान अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखने वाले मदन आदिवासी का कहना था कि उन्होंने भगवान बिरसा-मुण्डा योजना से अनुदान सहित 2 लाख रुपए का लोन लेकर घाटीगांव में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोली है, जिससे उन्हें हर माह लगभग 40 हजार रुपए की आमदनी होने लगी है। इसी तरह मिलन सिंह ने आचार्य विद्यासागर योजना से 5 लाख रुपए का लोन लेकर सफल डेयरी व्यवसाय खड़ा कर लिया है। वही पीएम विश्वकर्मा योजना से मिली आर्थिक मदद से  जगदीश सोनी गहनों का और बाघ सिंह खिलौना का व्यवसाय कर अपने परिवार में खुशियों के नए-नए रंग भर रहे हैं। कीर्तिराम तिवारी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मिले 5 लाख रुपए के लोन से इलेक्ट्रोनिक की दुकान खोली है। इसी तरह हरिओम शर्मा ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ उठाकर अपने पिता के किराना व्यवसाय को नई ऊँचाईयां दी हैं। 

लखपति दीदी रामसखी ने अपने पति को भी रोजगार दिलाया है 

 ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूह से जुड़कर आरौन निवासी रामसखी राजपूत न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं बल्कि अपने पति को भी आत्मनिर्भर बना दिया है। रामसखी का कहना था कि पहले वे बैंक जाने से डरती थीं। अब वे बैंक सखी बनकर औरों को बैंकिंग के फायदे दिला रही हैं। उनका कहना था ग्वालियर शहर भी हमारे लिये दूर की कौड़ी थी, समूह से जुड़ने के बाद हम राष्ट्रपति भवन भी घूमकर आए हैं। कभी मजदूरी करने वाली रामसखी ने अपने पति को ऑटो रिक्शा दिला दिया है। अब दोनों दोनों की कमाई से घर में खुशियां समाई रहती हैं। 

 इसी तरह एक अन्य लखपति दीदी सोमवती जब से एनआरएलएम समूह से जुड़ी हैं तब से परिवार के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया है। कभी दिहाड़ी श्रमिक रहीं सोमवती अब उन्नत खेती कर रही हैं और नई तकनीक से खेतों में बांस-बल्ली पद्धति से टमाटर उगाती हैं, जिससे उन्हें अच्छी खासी आमदनी हो रही है। 

 

किसानों को सलाह: रबी की बोवनी एक सप्ताह पहले करें

 कलेक्टर चौहान ने किसानों को सलाह दी कि वे रबी की बोवनी हर साल की तुलना में कम से कम एक सप्ताह पहले करें। उन्होंने बताया कि मौसम विज्ञानियों और कृषि विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि इस बार फरवरी से ही तापमान बढ़ने लगेगा। इसलिए फसल जल्दी पककर तैयार हो, इसके लिए वर्तमान में मौजूद नमी का उपयोग कर शीघ्र बोवनी करें।

शिविर से पहले संस्थाओं का निरीक्षण, लापरवाही पर कार्रवाई

 शिविर से पहले कलेक्टर रुचिका चौहान और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत सहित अन्य अधिकारियों ने विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण किया। आरौन के आश्रम शाला की व्यवस्थाएं ठीक न पाए जाने पर कलेक्टर ने यहां पदस्थ शिक्षक का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में रोशनी की पुख्ता व्यवस्था करने और बच्चों को समय पर नाश्ता व मध्यान्ह भोजन दिलाना सुनिश्चित करने को कहा। इसी तरह उप स्वास्थ्य केन्द्र में रिकॉर्ड संधारण सही न पाए जाने और एएनएम द्वारा जानकारी न दिए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।