ग्वालियर। करवा चौथ पर सुहागिनों को चांद के दीदार के लिए इस बार प्रदेश के कई में हिस्सों में सुहागिनों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
प्रदेश के मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठे साइक्लोन 'अर्नब' का असर दूसरे दिन भी प्रदेश में दिख रहा है। भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। गुरुवार सुबह सिंगरौली, पांढुर्णा, रायसेन, विदिशा, भोपाल और सागर और ग्वालियर में भी मध्यम बारिश हुई है । पांढुर्णा की मंडी में खुले में रखा हजारों क्विंटल मक्का भीग गया है।
ग्वालियर में सुबह से धूप नहीं निकली। आसमान में धुंध छाई रही और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गई। उधर प्रदेश के कुछ जिलों में बुधवार शाम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को कई जिले में कहीं- कहीं अति भारी बारिश और 40 से 50 km प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है।
ग्वालियर में आज शाम चार बजे के बाद मध्यम बारिश हुई है, उसके बाद बादल घने हो गए हैं, और शाम से पहले ही अंधेरा छाने का अहसास हुआ। ऐसा अनुमान जताया है कि अभी बारिश या फिर बूंदाबांदी हो सकती है। धुंध छाने से चाँद के दर्शन के लिए सुहागिन महिलाओं के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है ?
प्रदेश के उतरी भाग पर स्थित ग्वालियर में रात 8:15 से 8:20 बजे तक चंद्रोदय का समय बताया गया है, जबकि मौसम के अचनाक करवट लेते ही चाँद के दीदार के लिए सुहागिनों को व्रत के परायण के लिए चांद के दिखाई देने की संभावना कम नज़र आ रही है।
इस बार करवा चौथ गुरुवार, 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र के साथ शिवयोग का संयोग रहेगा और चंद्रमा वृषभ राशि में होगा। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार, इसे दांपत्य जीवन में प्रेम और प्रीति बढ़ाने वाला संयोग माना जाता है।
