ग्वालियर। करवा-चौथ पर जहां महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं, वहीं ग्वालियर जिले की महिला पटवारियों ने इस पावन दिन पर घर की परंपरा और सरकारी जिम्मेदारी, दोनों को पूरी निष्ठा से निभाया।
भूख-प्यास और पूजा की तैयारियों के बीच भी विवाहित महिला पटवारियों के कदम नहीं डगमगाए। माथे पर सिंदूर, हाथों में मेहंदी और मन में पति की मंगलकामना लिए ये पटवारी अपने- अपने क्षेत्रों में राजस्व कार्यों में जुटी रहीं। खास बात यह रही कि इन्होंने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का कार्य आगे बढ़कर और ग्रामीणों को उनकी आवासीय भूमि का वास्तविक मालिक बनाने का पुनीत कार्य किया। जिन परिवारों को बरसों से अपने घर की जमीन पर कानूनी हक का इंतजार था, उनके हाथों में मालिकाना हक के दस्तावेज पहुंचे, तो आंखों में खुशी छलक उठी।
यह उदाहरण प्रस्तुत करने वाली महिला पटवारियों में तहसील चीनोर से अनीता रानी परिहार, सुरभि गुप्ता और राधा शर्मा, तहसील घाटीगांव से रेखा सोनी और रिचा शर्मा, तहसील डबरा से साधना पहाड़िया, समर सुल्तान और भारती पाठक, तहसील मुरार से गायत्री महोबिया तथा तहसील भितरवार से अर्चना दुबे शामिल रही हैं।
स्थानीय लोगों ने कहना था कि ऐसी कर्मठ बेटियां समाज की असली प्रेरणा हैं, जो परिवार और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी को समान सम्मान देती हैं। चंद्रोदय के साथ जब इनका व्रत खुलेगा, तो चेहरे पर पूजा की संतुष्टि के साथ किसी के सपनों को हक दिलाने का गर्व भी झलकेगा। नारी शक्ति की इस कर्तव्यनिष्ठा की ग्रामीण क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने इन सभी पटवारियों की कर्तव्य निष्ठा की सराहना की साथ ही सभी को करवा चौथ व्रत की बधाई व शुभकामनाएं दीं।
