ग्वालियर। सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी ने समानता, समरसता और भाईचारे का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनकी शिक्षाएं आज भी सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर समरस एवं सद्भावपूर्ण समाज के निर्माण की प्रेरणा देती हैं। संत रविदास की 650वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को ग्वालियर में निकाली गई “सामाजिक समरसता एवं कलश वंदन यात्रा” में विशेष रूप से शामिल हुए मंत्री कुशवाह ने संत रविदास जी के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
“सामाजिक समरसता एवं कलश वंदन यात्रा” हनुमान चौराहे से प्रारंभ होकर 52 पायगा, सूबे की गोठ, पारदी मोहल्ला, रामबाग कॉलोनी, गेंडेवाली सड़क एवं शिंदे की छावनी होते हुए छप्पर वाला पुल पहुंची। कलश वंदन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यात्रा का समापन छप्परवाला पुल के पास स्थित संत रविदास जी की बगिया में हुआ। यहां संत रविदास जी की आरती की गई। यात्रा के समापन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत शिरोमणि रविदास जी के आदर्शों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से मानव मात्र की समानता तथा सम्मान का संदेश दिया।
उनके विचार सामाजिक एकता और समरसता की मजबूत नींव हैं। संत रविदास जी का जीवन हमें समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान और आपसी भाईचारे के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। रविवार को शहर में निकली इस सामाजिक समरसता एवं कलश वंदन यात्रा में पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया तथा अभय चौधरी, राजू पलैया, ओमप्रकाश धनोल, विनय जैन एवं केशव मांझी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
