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"स्वच्छ भारत मिशन-2026"; बच्चों ने निगमायुक्त से पूछा कचरा करने वालों को कैसे रोके: आयुक्त ने स्कूली बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढाया, बच्चों ने सीखा गीले कचरे से खाद बनाना

पदमा विधालय में भी स्वच्छता के बारे में छात्राओं को जागरूक किया, शहर के 25 स्कूलों के बीच 'स्वच्छ स्कूल' प्रतियोगिता की जा रही है, इसके पहले नगर निगम द्वारा स्कूलों में पहुंचकर छात्रों एवं टीचर को स्वच्छ स्कूल के बारे में जागरूक किया जा रहा है

ग्वालियर। सर सडक पर लोग कचरा फेंक देते हैं, पॉलीथिन में लोग सब्जी, फल फेंक देते हैं , जिसे गाय खाकर मर जाती है। यह सवाल नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय से ग्वालियर ग्लोरी स्कूल में बच्चों ने पूछे। नगर निगम आयुक्त ने कहा कि नगर निगम कचरा सड़क पर फेंकने वालों पर कार्रवाई करती हैं, जबकि गीले कचरे से आप लोग खाद बना सकते हैं, जिसकी ट्रेनिंग आप सभी को दी जाएगी। 

नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के निर्देश पर अपर आयुक्त टी प्रतीक राव के नेतृत्व में नगर निगम द्वारा शहर के 25 स्कूलों के बीच स्वच्छ स्कूल प्रतियोगिता की जा रही है। इसके तहत पहले नगर निगम द्वारा स्कूलों में पहुंचकर छात्रों एवं स्कूल के टीचर को स्वच्छ स्कूल के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसी के तहत शुक्रवार को ग्वालियर ग्लोरी स्कूल में नगर निगम आयुक्त ने बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढाया। इसके साथ ही पदमा विधालय में भी स्वच्छता के बारे में छात्रों को जागरूक किया गया।

बच्चों ने सीखा गीले कचरे से खाद बनाना

स्वच्छ स्कूल प्रतियोगिता के तहत स्कूल में गीले कचरे से खाद बनाने के तरीके बताए जा रहे हैं। इसी के तहत बच्चों को भी स्कूल में गीला कचरे से खाद बनाने के तरीके बताए गए, जिससे वह अपने घर में माता पिता के साथ मिलकर गीले कचरे से खाद बनाकर उसका उपयोग पेड़ पौधों में कर सकें। 

1 सितंबर से शुरू होगी मुख्य प्रतियोगिता

प्रारंभिक गतिविधियों के माध्यम से सहभागी विद्यार्थियों का चयन कर लिया गया है, जिसके बाद अब मुख्य प्रतियोगिता 1 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रही है। इस प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय का कुल 100 अंकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।

20-20 अंकों की होगी 5 मुख्य गतिविधियां

स्वच्छ टॉयलेट परिसर शौचालयों की स्वच्छता एवं रख-रखाव, विद्यालय कम्पोस्टिंग स्कूल परिसर में गीले कचरे से खाद बनाना, सेंटर मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी का उचित संचालन, होम कम्पोस्टिंग विद्यार्थियों द्वारा घर पर जैविक खाद तैयार करना, कचरा पृथक्कीरण गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना।

इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन का सही तरीका सिखाया जा रहा है, ताकि वे न केवल स्कूल बल्कि अपने घर और आसपास के वातावरण को भी(स्वच्छ रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।सकें।