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प्रदेश में उर्वरक उपलब्धता पर्याप्त'; खाद वितरण अब अभियान के रूप में हर किसान को अग्रिम के रूप में देने की योजना,स्टॉक मिलान व अवकाश के कारण 16 अगस्त तक विक्रय बंद रहेगा

सोमवार 17 अगस्त से फिर प्रारंभ होगा किसानों को खाद का वितरण, उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ़ नहीं होगी, अब जितनी खाद चाहिए उतनी खाद किसानों को मिलेगी

ग्वालियर/भोपाल। प्रदेश में खाद का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसानों को सुगमता से उर्वरक वितरण को ध्यान में रखकर भारत सरकार के  पोर्टल एवं प्रदेश के उर्वरक विक्रेता (रिटेलर) के स्टॉक का मिलान करने के लिए 14 अगस्त की शाम 7 बजे से उर्वरक विक्रय 15 एवं 16 अगस्त को अवकाश के दिनों मे बंद किया गया है।

कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार किसानों को सुगमता से उर्वरक का वितरण को ध्यान में रखकर भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल एवं प्रदेश के उर्वरक विक्रेता (रिटेलर) के स्टॉक का Reconciliation ( मिलान ) के लिए 14 अगस्त की शाम 7 बजे से उर्वरक विक्रय 15 एवं 16 अगस्त को अवकाश के दिनों मे बंद किया है। मिलान का कार्य तेजी से किया जा रहा हैं, जो सोमवार 17 अगस्त से प्रारंभ होगा। अब किसानों को कोई तकलीफ़ नहीं होगी, सोमवार 17 अगस्त से जितनी खाद चाहिए उतनी मिलेगी , यह सुनिश्चित है। साथ ही, 20 अगस्त से हर  किसान हर घर, हर खेत खाद अभियान भी प्रारम्भ हो रहा है, ताकि रबी की खाद इसी माह से किसानों को मिलना प्रारम्भ हो जाये।  

 प्रदेश  में रासायनिक उर्वरको का पर्याप्त भंडारण है। 1अप्रैल से अभी तक यूरिया की कुल उपलब्धता 17.04 लाख मीट्रिक टन थी, जिसमें से 12.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उठाव किसानों द्वारा किया गया है। वर्तमान में 4.21 लाख मीट्रिक टन  की उपलब्धता हैं, जबकि विगत वर्ष इसी समय यूरिया की उपलब्धता 1.60 लाख मीट्रिक टन थी।

        प्रदेश में 1अप्रैल से अभी तक डीएपी एवं एनपीके की कुल उपलब्धता 11.20 लाख मीट्रिक टन थी, जिसमें से 7.09 लाख मीट्रिक टन का उठाव किसानों द्वारा किया गया हैं। वर्तमान में 4.10 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता हैं, जबकि विगत वर्ष इसी  समय डीएपी + एनपीके की उपलब्धता 3.00 लाख मीट्रिक टन थी।

       प्रदेश में 1अप्रेल से अभी तक एस एस पी की कुल उपलब्धता 6.78 लाख मीट्रिक टन थी, जिसमें से 3.61 लाख मीट्रिक टन का उठाव  किसानो द्वारा किया गया हैं, वर्तमान में 3.17 लाख मीट्रिक टन  एस एस पी  की उपलब्धता हैं।हैं।