क्राइम

'अमानक धान-बीज पाए जाने पर सख्त कार्रवाई' ; जिले के दो खाद-बीज विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, खाद-बीज भण्डारणों से नमूने लेकर स्टेट लैब भोपाल में जांच कराई जा रही है

जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की दुकानों का लगातार निरीक्षण कराया जा रहा है, नमूने अमानक पाए जाने पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है, जिले के दो खाद-बीज विक्रेताओं के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की है

ग्वालियर। किसानों के हितों की सुरक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की दुकानों का लगातार निरीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही खाद-बीज के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। नमूने अमानक पाए जाने पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। इस कड़ी में धान के बीज अमानक पाए जाने पर जिले के दो खाद-बीज विक्रेताओं के बीज विक्रय लायसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर लायसेंसिंग अधिकारी (बीज) एवं उप संचालक किसान कल्याण व कृषि विकास भानु प्रकाश शर्मा द्वारा अलग-अलग आदेश जारी कर यह कार्रवाई की गई है। उप संचालक कृषि के अनुसार धान बीज (किस्म पी.बी.-1962 टी.एल.) लॉट नं. VAPL-222(26A) एवं बीज किस्म (पी.बी.-1692 टी.एल) लॉट नं. KGOB-920 के नमूने प्रयोगशाला की जांच में अमानक साबित होने पर महेश कृषि सेवा केन्द्र कल्याणपुर तिराहा कालिंद्री रोड पिछोर प्रो. प्रमोद बघेल का बीज विक्रय लायसेंस निलंबित कर दिया गया है। इसी तरहृ धान बीज (किस्म पी.बी.- 1692 टी.एल.) लॉट नं. PB-R-169201 का नमूना अमानक पाए जाने पर छाया कृषि सेवा केन्द्र कल्याणपुर तिराहा पिछोर प्रो. अरविंद शर्मा का बीज विक्रय लायसेंस निलंबित किया गया है। 

उन्होंने कहा भोपाल प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इन दोनों फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। इन दोनों के उत्तर प्राप्त न होने पर बीज नियंत्रण आदेश 1983 तथा बीज अधिनियम 1966 के प्रावधानों के तहत लायसेंसिंग अधिकारी बीज सह उप संचालक कृषि द्वारा यह कार्रवाई की गई है।