ग्वालियर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नईदिल्ली द्वारा प्रदत्त निर्देशानुसार एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायाधिपति सह को-चेयरमैन, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ग्वालियर न्यायमूर्ति आनंद पाठक के मार्गदर्शन में 14 मार्च 2026 को उच्च न्यायालय खण्डपीठ- ग्वालियर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए न्यायाधिपति आनंद पाठक व अधिवक्ता निधि पाटनकर, न्यायाधिपति जीएस अहलूवालिया व अधिवक्ता आभा मिश्रा, न्यायाधिपति आशीष श्रोती व अधिवक्ता उमा कुशवाह तथा न्यायाधिपति आनंद सिंह बहरावत व अधिवक्ता कु. चित्रा सक्सेना की कुल 04 खण्डपीठों के द्वारा आपसी सहमति के आधार पर कुल 490 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा मोटर दुर्घटना क्लेम अपील प्रकरणों में पीडित पक्षकारों को तीन करोड़ चैंसठ लाख सैंतीस हजार नौ सौ चालीस रुपए अतिरिक्त क्षतिधन के रूप में प्राप्त हुये।
उल्लेखनीय है कि 08 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को दृष्टिगत रखते हुये उपलक्ष्य में प्रशासनिक न्यायाधिपति/को-चेयरमेन न्यायमूर्ति आनंद पाठक द्वारा एक सराहनीय पहल के रूप में महिला अधिवक्ताओं को लोक अदालत की खण्डपीठों के सदस्य के रूप में नामांकित किया गया है।
न्यायमूर्ति पाठक के विचारानुसार इस पहल का मूल उद्देश्य न्याय व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाना तथा समाज में महिला सशक्तिकरण का सकारात्मक संदेश देना है। न्यायमूर्ति पाठक का यह प्रेरणादायक कदम न्याय व्यवस्था में लैंगिक समानता एवं महिला सषक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट खण्डपीठ- ग्वालियर के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार व उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति-ग्वालियर के सचिव राजीव पाल द्वारा बताया गया है कि लोक अदालत का मूल उद्देश्य आपसी वैमनस्यता एवं विवादों का आपसी सहमति व राजीनामा के आधार पर प्रकरणों का निराकरण करना है, जिस कारण उभयपक्ष के मध्य विद्यमान विवाद बिना किसी की हार-जीत के साथ समाप्त हो। इसी मूल भावना को आधार बनाकर उक्त नेशनल लोक अदालत के पूर्व न्यायमूर्ति आनंद पाठक के मार्गदर्शन में उच्च न्यायालय खण्डपीठ- ग्वालियर में राजीनामा योग्य विचाराधीन प्रकरणों मुख्यतः बीमा कंपनी के प्रकरणों को चिन्हित कर सूची तैयार की गई। इसके बाद बीमा कंपनी के अधिकारी/अधिवक्तागण तथा पक्षकार व उनके अधिवक्तागण के साथ विभिन्न दिनांकों को प्री-सिटिंग आयोजित की जाकर राजीनामा के आधार पर प्रकरणों के निराकरण के लिए उभयपक्ष में सहमति बनाई गई, जिसके फलस्वरूप 159 क्लेम प्रकरणों सहित कुल 490 प्रकरणों का शनिवार को लोक अदालत में निराकरण किया गया है।
जिला कोर्ट में वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादी और प्रतिवादी प्रकरणों के निपटारे के लिए पहुंचे
इधर ग्वालियर के जिला न्यायालय परिसर में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जहां जिलेभर से बड़ी संख्या में वादी और प्रतिवादी अपने प्रकरणों के निपटारे के लिए पहुंचे। लेकिन इस दौरान तकनीकी समस्या के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्वालियर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से आयोजित इस लोक अदालत में जिलेभर से बड़ी संख्या में वादी और प्रतिवादी अपने-अपने प्रकरणों के निपटारे के लिए पहुंचे।
लोक अदालत में नगर निगम और बिजली विभाग से जुड़े मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। इनमें संपत्ति कर, जल कर और बिजली बिल से संबंधित राजस्व प्रकरण शामिल थे। बकाया बिल जमा करने और विवाद समाप्त करने के लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ता अदालत परिसर पहुंचे।
हालांकि इस दौरान तकनीकी समस्या भी सामने आई। करीब दो घंटे तक सर्वर डाउन रहने के कारण कामकाज प्रभावित हुआ और लोगों को लंबी देर तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कई उपभोक्ताओं का कहना था कि वे छूट मिलने की उम्मीद से बिल जमा करने आए थे, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि कोई विशेष छूट नहीं दी जा रही है तो उन्हें निराशा हुई। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी समस्या को जल्द ही ठीक कर लिया गया।गया।
