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पोषक तत्वों से भरपूर भोजन की समकालीन तकनीकों पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर में संपन्न,कृषि छात्रों को तकनीकी सत्र में एक्सपर्ट ने तकनीकी जानकारी दी

प्रशिक्षण का उद्देश्य आरक्षित वर्ग के कृषि छात्रों को पौष्टिक खाद्य निर्माण से जुड़ी समकालीन तकनीकों के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करना रहा

ग्वालियर। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र ग्वालियर द्वारा “पोषक तत्वों से भरपूर भोजन के विकास में समकालीन प्रौद्योगिकियां एवं उद्यमिता” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 12 से 14 फरवरी 2026 तक राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को पौष्टिक खाद्य निर्माण की आधुनिक तकनीकों एवं उद्यम स्थापना के बारे में जानकारी दी गई।

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविन्द कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को पौष्टिक खाद्य निर्माण से जुड़ी समकालीन तकनीकों के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को तकनीकी जानकारी देने के लिए विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम के समापन सत्र में विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. एस. के. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को बायोफोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों के उत्पादन की आधुनिक तकनीकों तथा उद्यमिता के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्वालियर की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. रीता मिश्रा ने पोषक तत्वों से भरपूर भोजन की समकालीन तकनीकों, जीरो वेस्ट मॉडल तथा खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से स्वरोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्यवर्धक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के उत्पादन से न केवल स्वयं का रोजगार स्थापित किया जा सकता है, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत एमएसएमई की निकुंज शर्मा द्वारा विद्यार्थियों को स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए उपलब्ध योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के आयोजक डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह एवं समन्वयक डॉ. रीता मिश्रा रहीं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. एसके शर्मा, डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह तथा डॉ. रीता मिश्रा द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।