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ग्वालियर की बिटिया शची ने रचा इतिहास; 42.2 Km की टोक्यो फुल मैराथन फिनिशर बनकर देश का मान बढ़ाया है

टोक्यो मैराथन वर्ल्ड एथलेटिक्स प्लैटिनम लेबल मैराथन है और दुनिया की सात प्रमुख मैराथन है, जापानी 'प्रतिष्ठित' ड्रिंक कंपनी ने शची का चयन नॉन रनर को रनर बनाने की चुनौती के रूप में किया था

टोक्यो में आयोजित फुल मैराथन में करीब 35 हजार से ज्यादा धावकों ने हिस्सा लिया, जिनमें से कुछ हजार ही दौड़ के अंतिम सिरे तक पहुंचे हैं  

ग्वालियर की बेटी शची पाठक ने बीते 1 मार्च को जापान के टोक्यो में आयोजित फुल मैराथन (42.2 किलोमीटर ) में हिस्सा लिया। शची मैराथन के अंतिम लक्ष्य तक दौड़ लगाकर फिनिशर बनी हैं ।  

इस मैराथन में करीब 35 हजार से ज्यादा धावकों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से कुछ हजार ही दौड़ के अंतिम सिरे तक पहुंच कर फिनिशर बने।

उल्लेखनीय है कि शची मूलतः धावक नहीं है। उसका चयन जापान की प्रतिष्ठित हाइड्रेशन ड्रिंक कंपनी 'Pocari Sweat' ने नॉन रनर को रनर बनाने की चुनौती के रूप में किया था। 

मात्र चार महीने में दिन रात की मेहनत के बाद शची ने खुद को मैराथन के लिए तैयार किया है और 42.2 किलोमीटर की दौड़ पूरी की।

टोक्यो मैराथन वर्ल्ड एथलेटिक्स प्लैटिनम लेबल मैराथन है और दुनिया की सात प्रमुख मैराथन में शामिल है। बता दे कि शची सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर है। वे 'फिरदौस' नाम से लिखती भी हैं और स्टेज शो करती है। शची वरिष्ठ पत्रकार डॉ राकेश पाठक की छोटी बेटी हैं।हैं।