राजनीति

"लाड़ली बहना" सम्मेलन कल ; मुख्यमंत्री शबरी माता मंदिर परिसर घाटीगाँव में 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित करेंगे

लाडली बहनों के खातों में पहुंचेगी योजना की 34वीं किश्त, लगभग 122 करोड़ रूपये लागत के 54 कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे मुख्यमंत्री

ग्वालियर जिले के घाटीगाँव में शबरी माता मंदिर परिसर में होने जा रहे लाड़ली बहना भव्य सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, विस अध्यक्ष तोमर, सांसद भारत सिंह,जिले के प्रभारी मंत्री सहित अन्य मंत्रीगण, क्षेत्रीय विधायक व जनप्रतिनिधि शामिल होगें 

ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 13 मार्च को ग्वालियर जिले के घाटीगाँव के पास शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहे भव्य सम्मेलन में “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना” के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 बहनों के खातों में पहुँचने वाली 44 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि शामिल है। यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है। 

मुख्यमंत्री डॉ यादव इस अवसर पर ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ रुपये लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही सरकार की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी वितरित करेंगे। लाड़ली बहना सम्मेलन में केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, जिले के प्रभारी मंत्री सिलावट, राज्य सरकार के मंत्रीगण नारायण सिंह कुशवाह व प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक मोहन सिंह राठौर एवं जिला पंचायत अध्यक्ष  दुर्गेश जाटव समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है।

इन कार्यों का होगा  भूमिपूजन व लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शबरी माता परिसर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के माध्यम से ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ के 19 कार्यों का लोकार्पण व लगभग 60 करोड़ रुपये लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। जिन कार्यों का मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा लोकार्पण किया जायेगा उनमें लगभग 40 करोड़ की लागत से सांदिपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन व 9.11 करोड़ की लागत से डाडा खिरक तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर नव निर्मित उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा ग्वालियर शहर व ग्रामीण क्षेत्र में नवनिर्मित सड़कें शामिल हैं। 

इन कार्यों का भूमिपूजन करेंगे मुख्यमंत्री यादव

मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा जिन कार्यों का भूमिपूजन करेंगे उनमें आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ की लागत से बनने जा रहे 100 सीटर श्रमिक विश्राम-गृह एवं 12.16 करोड़ की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न सड़कें, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने जा रहे हॉल, छात्रावास व भितरवार में 4 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नवीन शॉपिंग कांप्लेक्स का निर्माण शामिल है। 

 यह रहेगा मुख्यमंत्री डॉ यादव का प्रस्तावित कार्यक्रम

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ यादव वायुमार्ग से 13 मार्च को दोपहर राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल महाराजपुरा पहुँचेंगे। यहाँ से हेलीकॉप्टर द्वारा घाटीगाँव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बनाये गए हेलीपेड पहुँचेंगे। मुख्यमंत्री यहाँ स्थित देवनारायण मंदिर एवं कार्यक्रम स्थल के समीप स्थित शबरी माता मंदिर में भी प्रदेश की खुशहाली के लिए पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर द्वारा वापस विमानतल पहुँचकर वायुमार्ग द्वारा भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

लाडली बहनों को योजना की 34वीं किश्त होगी जारी

 उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान का नया आधार बनी है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।