ग्वालियर। नगर निगम सीमांतर्गत अवैध रूप से विकसित की जा रहीं अवैध कॉलोनियेां पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। कॉलोनाइजरों द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश, ग्वालियर एवं नगर निगम ग्वालियर की अनुमति के बिना कॉलोनियों में विकास कार्य किए जा रहे थे। जिन पर कार्रवाई करते हुए निगम अमले द्वारा विकास कार्यों को हटाया गया।
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं अपर आयुक्त टी प्रतीक राव के निर्देशानुसार नगर निगम सीमांतर्गत अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों पर अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही हैै।
अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के अभियान अंतर्गत प्रथम चरण में चयनित 66 अवैध कॉलोनियों में से आज 11 मार्च 2026 को ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा वार्ड क्र.-66 के अन्तर्गत ग्राम सालूपुरा के सर्वे क्र. 56/3, 56/3/2, 57, 59, 61, 62, 67, 68, 70, 71, 72, 76, 56/3/1/1/2, 145, 146, 141, 142, 148, 149/2/1, 147/1, 147/2, 149/2/2, 58/1, 58/2, 125, 525, 531 लगभग रकवा 15.30 हेक्टेयर (कुल 06 अवैध कॉलोनी) भूमि पर पुष्पा साहू पत्नी महेन्द्र सिंह, साधूराम पुत्र गुलाब सिंह, रंजीत गुर्जर, केशव पुत्र महेन्द्र, जितेन्द्र, कैलाश पुत्र हरनारायण, एमजीएस. डवलपर्स पार्टनर महेश, दयाशंकर साहू, देवेन्द्र प्रजापति, प्रियंका सिंह, राधेश्याम डवलपर्स सौरभ जैन पुत्र गिरीश जैन, दयाशंकर पुत्र नीरज शर्मा आदि द्वारा अवैध कॉलोनियों में सड़क, सीवर, बाउण्ड्रीवॉल एवं विद्युत पोल आदि निर्माण किये गये थे, जिन्हें हटाने की कार्यवाही की गई। कार्यवाही में सिटी प्लानर महेन्द्र अग्रवाल, भवन अधिकारी पवन शर्मा, भवन निरीक्षक रवि गोडिया, मदाखलत अधिकारी शैलेन्द्र सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।
सुरक्षा दृष्टि से पेड़ को काटने की अनुमति शर्तों के साथ दी
ग्वालियर नगर निगम के पार्क विभाग ने वार्ड 58 हरिशंकरपुरम निवासी डॉ. प्रकाश अग्रवाल ग्वालियर को वृक्ष काटने की अनुमति आवश्यक शर्तों के साथ प्रदान की गई है।
उद्यान अधीक्षक ने बताया कि डॉ. प्रकाश अग्रवाल निवासी डी- 55 हरिशंकरपुरम ग्वालियर द्वारा स्वयं के भूखण्ड डी-75 हरिशंकरपुरम में स्थित भवन निर्माण में बाधक 2 वृक्षों को काटने की अनुमति चाही गई थी। पार्क पर्यवेक्षक ने मौके पर स्थल का निरीक्षण कर 02 वृक्षों को काटने की अनुमति शर्तों के साथ दी गई है।
नगर निगम के पार्क विभाग की शर्तों के अनुसार पेडों को काटते एवं छांटते समय यदि किसी प्रकार की जनहानि एवं दुर्घटना घटित होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित आवेदक की होगी, नगर निगम ग्वालियर इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। वृक्ष को काटते अथवा छांटते समय यदि किसी भी प्रकार का जनाक्रोश या आपत्ति होती है तो अनुमति आदेश स्वतः ही निरस्त माना जाएगा। अनुमति की वैधता 45 दिवस तक मान्य होगी। 45 दिवस के बाद अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। इन काटे गए वृक्षों के क्षतिपूरक राशि जमा कराने के बाद ही उक्त अनुमति प्रभावशील होगी। काटी गई लकडियां, धर्मकांटा तौल रसीद के साथ उद्यान विभाग नगर निगम में जमा कराना भी अनिवार्य होगा।
वृक्ष अधिकारी द्वारा आवेदन एवं फोटो के अनुसार भवन में बाधक पेड एवं शाखाओं को काटते एवं छांटने से संबंधित अनुमति दी गई है। यदि इसके अतिरिक्त किसी अन्य पेड़ की शाखा को काटते एवं छांटने का कार्य किया जाता है तो आवेदक के विरुद्ध मध्यप्रदेश वृक्ष परिरक्षण अधिनियम 2001 के तहत कार्रवाई की जाएगी। काटी गई लकडिया उद्यान विभाग नगर निगम के उद्यान विभाग में जमा कराना अनिवार्य होगा।
