वुमन

बाल भवन में बिखरे महिला सशक्तिकरण के विविध रंग; “पिंक ड्रायविंग लायसेंस कैम्प” में लगभग 1100 महिलाओं ने दिए आवेदन

नृत्य, रंगोली, चित्रकला व मेंहदी प्रतियोगिता भी हुई, उत्कृष्ट कार्य कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकायें एवं श्रेष्ठ खिलाड़ी सम्मानित

ग्वालियर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार 9 मार्च को बाल भवन में महिला सशक्तिकरण के विविध रंग नजर आए। बालिका सशक्तिकरण पर केन्द्रित नृत्य, चित्रकला, मेंहदी व रंगोली प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में अलग-अलग रंग भरे। वहीं महिलाओं व बालिकाओं के ड्रायविंग लायसेंस बनाने के लिये “पिंक ड्रायविंग लायसेंस कैम्प” भी लगाया गया। जिसमें लगभग 1100 महिलाओं के आवेदन प्राप्त हुए। जिला पंचायत की अध्यक्ष दुर्गेश जाटव भी इस कार्यक्रम की साक्षी बनीं। साथ ही कलेक्टर रुचिका चौहान ने भी “पिंक ड्रायविंग लायसेंस कैम्प” का जायजा लिया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष    ने उत्कृष्ट कार्य कर रहीं जिले की 10-10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को सम्मानित किया। साथ ही विभिन्न खेलों व शिक्षा में ग्वालियर का नाम रोशन करने वाली बालिकायें भी सम्मानित की गईं। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास उपासना राय भी उपस्थित थीं। जिला पंचायत की अध्यक्ष  दुर्गेश जाटव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलायें हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही है। समाज के समग्र विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी उपासना राय ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं और बच्चों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आत्मनिर्भरता अत्यंत आवश्यक है। महिला बाल विकास विभाग के सहायक संचालक राहुल पाठक ने बताया कि महिलाओं व बालिकाओं के ड्रायविंग लायसेंस बनाने के लिये लगाए गए “पिंक ड्रायविंग लायसेंस कैम्प” में लगभग 1100 महिलाओं व बालिकाओं ने आवेदन दिए हैं। इनमें से लगभग 300 महिलाओं के आवेदनों को पंजीकृत कर लिया गया है। शेष महिलाओं के आवेदन भी दो दिन के भीतर पंजीकृत कर लिए जायेंगे। इसके बाद परिवहन विभाग के प्रावधानों के अनुसार इन सभी के ड्रायविंग लायसेंस बनाए जायेंगे।