ग्वालियर। अपनों से बिछुड़ी बुजुर्ग महिला को परिवार से मिलाकर वरिष्ठ न्यायाधीशों ने मानवता का संदेश दिया है। यह महिला ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-2 पर निराश होकर गुमसुम अवस्था मे बैठी मिली थी। प्रोटोकॉल ड्यूटी के दौरान मौजूद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत पाण्डेय, स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट अतुल यादव और जिला रजिस्ट्रार भूपेन्द्र सिंह कुशवाह ने महिला से बातचीत कर उसकी स्थिति जानी।
बुजुर्ग 75 वर्षीय महिला ने अपना नाम अनवरी बेगम बताया। उनका कहना था कि वह शिवपुरी से अपने बेटे के साथ ग्वालियर आ रही थी। शिवपुरी स्टेशन पर बेटा पानी लेने उतरा और ट्रेन चलने से वह पीछे रह गया। महिला अकेले ही ट्रेन से ग्वालियर पहुँच गई, जहाँ एक सहयात्री की मदद से वह प्लेटफॉर्म पर उतर गई।
बुजुर्ग महिला की स्थिति को समझकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पाण्डेय व स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट ने स्टेशन पर तैनात आरपीएफ को महिला को सुरक्षित उसके घर तक पहुँचाने के निर्देश दिए। इसके बाद आरपीएफ पोस्ट प्रभारी मनोज शर्मा के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक आरएन सिंह एवं अन्य स्टाफ महिला को उनके बताए पते पर लेकर पहुँचे।
घर पर महिला की बहू रानी बेगम, दामाद मोहसिन और पोती काजल मिले। अधिकारियों से बातचीत कराने के बाद आरपीएफ स्टाफ ने बुजुर्ग महिला को सुरक्षित उनके परिवार को सौंप दिया।
बुजुर्ग महिला के परिजनों से मिलते ही घर में खुशी का माहौल बन गया। न्यायाधीशों और आरपीएफ के इस मानवीय कार्य की लोगों ने सराहना की है। इस पहल ने समाज में संवेदनशीलता और मानवीय सहयोग का सकारात्मक संदेश दिया है।
