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स्वास्थ्य सुविधाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी; स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की सेवाओं के क्रियान्वन में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने कार्रवाई के निर्देश दिए

कलेक्टर ने महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश,कुपोषण, एनीमिया और डेंगू नियंत्रण की विस्तार से समीक्षा की गई है

ग्वालियर। स्वास्थ्य सेवाओं एवं पोषण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कुपोषण, एनीमिया और डेंगू नियंत्रण की विस्तार से समीक्षा की गई है। 

 कलेक्टर  रुचिका चौहान की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ पोषण सेवाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएस सगर, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास उपासना राय सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे। 

 कलेक्टर रुचिका चौहान ने शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर चार अधिकारियों का वेतन काटने एवं एक को सेवा से पृथक करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। कलेक्टर चौहान ने हाईरिस्क गर्भवती माताओं के शत-प्रतिशत पंजीयन पर जोर देते हुए कहा है कि सभी एचआरपी महिलाओं की जानकारी पोर्टल पर समय पर दर्ज की जाए। जिन महिलाओं की समग्र आईडी नहीं बनी है उनकी आईडी ब्लॉक मेडीकल ऑफीसर एवं महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी संयुक्त रूप से बनवाने का कार्य करें। जिले में किसी भी गर्भवती माताओं का पंजीयन छूटना नहीं चाहिए। महिला एवं बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अंतर नहीं होना चाहिए। 

 कलेक्टर ने कहा है कि गर्भवती माताओं को प्रसव संभावित तिथि से सात दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर रेडक्रॉस के माध्यम से परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने डबरा एवं भितरवार क्षेत्र में अस्पतालों में स्थान की कमी होने पर एसडीएम के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए हैं। 

 समीक्षा बैठक के दौरान एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम के संबंध में निर्देश दिए गए कि गंभीर एनीमिया से प्रभावित गर्भवती माताओं की जानकारी शतप्रतिशत पोर्टल पर दर्ज की जाए। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिये अधिकारी गंभीरता से कार्य करें। अधिक बच्चों को रेफर करने पर बिरला नगर अस्पताल के प्रभारी अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। 

 कलेक्टर रुचिका चौहान ने डेंगू की रोकथाम की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए हैं कि गत वर्षों में जिन स्थानों पर अधिक मरीज चिन्हित हुए हैं उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाए। नियमित सर्वे एवं फॉगिंग का कार्य भी कराया जाए। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बैठक में लापरवाही पाए जाने पर शहरी स्वास्थ्य संस्था के प्रभारी चिकित्सक का सात दिन का वेतन काटने, संतोष जनक जवाब प्रस्तुत न करने पर एपीएन को सेवा से पृथक करने का नोटिस, दस्तक अभियान में लापरवाही पाए जाने पर परियोजना अधिकारी डबरा अतिराज सेंगर का सात दिन का वेतन एवं परियोजना अधिकारी शहरी क्रमांक-4 दीपिका रावत का तीन दिन का वेतन एवं परियोजना अधिकारी  ज्ञानेन्द्र शर्मा का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए हैं कि पोषण ट्रैक एप्लीकेशन पर जो बच्चे प्रत्येक माह वजन लेने के बाद कुपोषित पाए जाते हैं उनका मुख्यमंत्री बाल संवर्धन कार्यक्रम के तहत शतप्रतिशत पंजीयन कराया जाए। इसके साथ ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिये स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देशित किया गया।

बैठक में गर्भवती माताओं के पंजीयन की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले को एक साथ बैठकर पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएस सगर ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। इसके साथ ही कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने विभागीय योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की।की।