प्रवेश मेले में पात्र विद्यार्थी उसी दिन अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे, महाविद्यालयों में प्रवेश मेला प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगा, प्रत्येक कॉलेज में प्राचार्य की निगरानी में प्रतिदिन प्रवेश की समीक्षा की जाएगी
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में रिक्त सीटों पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 8 से 15 जुलाई 2026 तक “प्रवेश मेला” आयोजित किया जा रहा है। अतिरिक्त सीएलसी राउंड के दौरान प्रवेश प्रक्रिया को गति देने एवं पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
प्रवेश मेले के दौरान महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पंजीयन, चॉइस फिलिंग एवं संशोधन, दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन संबंधी मार्गदर्शन तथा शुल्क भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पात्र विद्यार्थी उसी दिन अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। महाविद्यालयों में प्रवेश मेला प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगा।
महाविद्यालयों द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध लंबित पंजीयन, सत्यापन, प्रवेश प्रस्ताव प्राप्त करने के बाद भी शुल्क जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों की सूची का परीक्षण कर उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाएगा। विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिन पाठ्यक्रमों एवं संकायों में रिक्त सीटों की संख्या अधिक है, वहां विशेष प्रयास किए जाएंगे। विद्यार्थियों को उपलब्ध पाठ्यक्रमों, विषय चयन एवं चॉइस संशोधन के संबंध में आवश्यक परामर्श प्रदान किया जाएगा। साथ ही स्थानीय विद्यालयों, जनप्रतिनिधियों, पालकों एवं पूर्व विद्यार्थियों के सहयोग से प्रवेश जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
प्रत्येक महाविद्यालय में प्राचार्य की निगरानी में प्रतिदिन प्रवेश की समीक्षा की जाएगी तथा विभागवार एवं संकायवार लक्ष्य निर्धारित कर कार्यवाही की जाएगी। जिला नोडल अधिकारी अधिक रिक्त सीट वाले महाविद्यालयों की विशेष निगरानी करेंगे और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगे। समस्त महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि प्रवेश मेला केवल औपचारिक आयोजन न होकर “अधिकतम प्रवेश, उसी दिन प्रवेश” की कार्यपद्धति पर संचालित किया जाए, जिससे अतिरिक्त सीएलसी राउंड में अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश का लाभ मिल सके।
