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"आपदा प्रबंधन के लिये कंट्रोल रूम गठित"; आपदा प्रबंधन के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाए: कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी

कलेक्टर ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में की गई विभागीय योजनाओं की समीक्षा, कंट्रोल रूम का नं. 0751- 2446232 जारी किया

ग्वालियर जिले में आपदा प्रबंधन के लिये विभागीय अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन जिम्मेदारियों का मुस्तैदी के साथ पालन हो ताकि आपदा प्रबंधन के समय आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। जिला स्तर से आपदा प्रबंधन का कंट्रोल रूम भी गठित किया गया है, जिसका दूरभाष नम्बर 0751-2446232 है। कंट्रोल रूम के माध्यम से भी जिले की जानकारी संकलित की जा रही है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में आपदा प्रबंधन के संबंध में जिले में किए गए प्रबंधन की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित अंतरविभागीय समन्वय बैठक में आपदा प्रबंधन के साथ-साथ निर्माण कार्यों, सीएम हैल्पलाइन के साथ ही शासन की अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा से समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, सीईओ जिला पंचायत सोजान सिंह रावत, एडीएम सीबी प्रसाद सहित जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्र में सभी जलाशयों, नदियों एवं पर्यटन स्थलों का निरीक्षण करें और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधन भी करें। इसके साथ ही बरसात के दौरान जिन क्षेत्रों में पानी भरने की दिक्क्त आती है उनका चिन्हांकन कर आवश्यक सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने एनडीआरएफ की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक उपकरण की उपलब्धता भी समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर चौहान ने अनुविभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नदी-नालों एवं मार्गों पर जहां पानी भरने की समस्या रहती है वहां पर संकेतक लगाने की व्यवस्थायें भी सुनिश्चित करें। सभी विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की मॉनीटरिंग भी अनुविभागीय अधिकारी अपने स्तर से करें। कलेक्टर रुचिका चौहान ने समीक्षा के दौरान निर्देश दिए हैं कि जिले में क्षतिग्रस्त भवनों का चिन्हांकन करने के साथ-साथ समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूल एवं हॉस्टलों का भी अनुविभागीय अधिकारी निरीक्षण करें। बरसात के दौरान कहीं पर भी दिक्कत नहीं आना चाहिए। जिन भवनों में सुधार की आवश्यकता है उनमें तत्परता से सुधार का कार्य कराया जाए।

हॉस्टलों का किया जाए निरीक्षण

कलेक्टर रुचिका चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में स्थापित सभी हॉस्टलों का अनुविभागीय अधिकारी दल गठित कर निरीक्षण कराएं। हॉस्टल में रहने वाले छात्र- छात्राओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो यह भी सुनिश्चित किया जाए। हॉस्टलों में सभी आवश्यक व्यवस्थायें हों यह सुनिश्चित किया जाए। स्कूल, आंगनबाड़ी एवं हॉस्टलों के आसपास गाजरघास कटवाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

माफी मंदिरों के आसपास वृक्षारोपण एवं पेयजल प्रबंधन व्यवस्था हो

कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा है कि जिले में समस्त शासकीय मंदिरों के आसपास बरसात के दौरान वृक्षारोपण के कार्य किए जाएं। इसके साथ ही जहां भी पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है वहाँ के लिये पेयजल व्यवस्था के प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों की भी हुई समीक्षा

कलेक्टर रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में सीएम हैल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों के निराकरण की भी समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाए। 100 दिन से अधिक लंबित प्रकरणों का निराकरण विभागीय अधिकारी आगामी 7 दिन में करना सुनिश्चित करें। सीएम हैल्पलाइन में दर्ज होने वाले प्रकरणों की नियमित समीक्षा भी विभागीय अधिकारी करें, ताकि समय रहते उनका निराकरण सुनिश्चित हो सके।सके।