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“वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा ; मिलेट्स कुकीज़ तैयार कर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहे हैं किसान, एफपीओ से जुड़े किसान अब तक लगभग 20 टन 'श्रीअन्न' के स्वादिष्ट कुकीज का उत्पादन कर चुके हैं

धूमेश्वर एफपीओ से जुड़ी ग्रामीण महिला किसानों व उद्यमियों ने रागी, बाजरा और कोदो जैसे पारंपरिक एवं पौष्टिक श्रीअन्न से स्वादिष्ट कुकीज़ तैयार कर कृषि क्षेत्र में सफलता की एक नई कहानी लिखी है

ग्वालियर जिले के भितरवार क्षेत्र की महिला किसानों व ग्रामीण उद्यमियों ने यह साबित कर दिया है कि सही सोच व मेहनत को यदि सरकारी सहयोग मिल जाए तो खेती मुनाफे का बड़ा जरिया बन सकती है। धूमेश्वर एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड) से जुड़ी ग्रामीण महिला किसानों व उद्यमियों ने रागी, बाजरा और कोदो जैसे पारंपरिक एवं पौष्टिक श्रीअन्न (मिलेट्स) से स्वादिष्ट कुकीज़ तैयार कर कृषि क्षेत्र में सफलता की एक नई कहानी लिखी है। पारंपरिक खेती से हटकर इस एफपीओ से जुड़े किसान अब तक लगभग 20 टन मिलेट्स (श्रीअन्न) के स्वादिष्ट कुकीज का उत्पादन कर चुके हैं। 

 जिला प्रशासन की पहल पर ग्वालियर में शुरू हुई साप्ताहिक जैविक हाट के माध्यम से इस एफपीओ सहित प्राकृतिक खेती कर रहे अन्य किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिये प्लेटफॉर्म मिला है। इस पहल ने न केवल स्थानीय स्तर पर “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा दिया है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का रास्ता भी खोला है। एफपीओ को अपनी लागत के मुकाबले बेहतर और सीधा मुनाफा मिल रहा है।

परंपरागत खेती से वैल्यू एडिशन तक का सफर 

 धूमेश्वर एफपीओ से जुड़े किसान पहले परंपरागत ढंग से खेती करते थे, जिससे उन्हें सीमित लाभ ही मिल पाता था। विभाग से मिले मार्गदर्शन से इन किसानों और महिला उद्यमियों ने समझा कि केवल कच्चा अनाज बेचने के बजाय यदि उसका प्रसंस्करण (वैल्यू एडिशन) किया जाए, तो आमदनी को दोगुना किया जा सकता है। इसी सोच के साथ इन्होंने रागी, बाजरा और कोदो से पौष्टिक आटा तैयार कर, शुद्ध घी और जैविक गुड़ की मदद से स्वादिष्ट मिलेट कुकीज़ (बिस्कुट) बनाना शुरू किया। इन कुकीज़ में किसी भी प्रकार के कृत्रिम रंग या प्रिजर्वेटिव का उपयोग नहीं किया गया। इस कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक शहरी उपभोक्ताओं के बीच इस एफपीओ के उत्पाद पहली पसंद बन रहे हैं। 

जैविक हाट ने दिए सफलता के नए पंख 

 जिला प्रशासन ने जैविक खाद्यान्नों को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनूठी पहल की। ग्वालियर में मेला रोड स्थित कृषि विभाग कार्यालय के सामने प्रत्येक रविवार को विशेष “जैविक हाट” का आयोजन शुरू किया गया। इस हाट के माध्यम से जैविक और प्राकृतिक खेती कर रहे जिले के लगभग 750 किसानों को सीधे शहरी ग्राहकों से जोड़ा गया। इससे बिचौलियों की भूमिका दूर हुई और किसानों को अधिक मुनाफा हुआ। इस जैविक हाट में धूमेश्वर एफपीओ को भी अपनी स्टॉल लगाने के लिए स्थान मिला। हाट में आने वाले सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों ने मिलेट कुकीज़ के स्वाद और शुद्धता को खूब सराहा। साथ ही इन उत्पादों की जमकर खरीदारी भी की। धूमेश्वर एफपीओ को अब तक करीब 5 लाख रुपये का लाभ इस हाट के माध्यम से प्राप्त हो चुका है।

महिला सशक्तिकरण और रोजगार के नए अवसर 

 धूमेश्वर एफपीओ द्वारा उत्पादित कुकीज़ की बढ़ती मांग को देखते हुए अब गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के कार्यों से जोड़ा जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। धूमेश्वर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की यह सफलता की कहानी भितरवार क्षेत्र के अन्य किसान समूहों के लिए एक प्रेरक मिसाल बन चुकी है। 

 मिलेट्स कुकीज उत्पादन से जुड़े किसानों का कहना है कि सरकार ने किसानों को एफपीओ से जोड़कर हम सबके लिये समृद्धि के नए द्वार खोले हैं।