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अनियमित गेहूं पंजीयन पर मुरैना कलेक्टर का सख्त एक्शन; 10 पंजीयक एवं ऑपरेटरों पर एफआईआर दर्ज, वास्तविक किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है

इससे पूर्व भी पंजीयन सत्यापन में लापरवाही एवं अनियमितता पाए जाने पर संबंधित तहसीलदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रचलन में है तथा 15 पटवारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा, पंजीयन प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, बामोर,मुरैना एवं जौरा के विभिन्न थानों में FIR दर्ज कराई गई है 

ग्वालियर। मुरैना जिले में गेहूं उपार्जन के लिए किए गए किसान पंजीयन में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने सख्त कार्रवाई की है। पंजीयन प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर 10 पंजीयक एवं ऑपरेटरों के विरुद्ध बामोर, मुरैना एवं जौरा के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। 

 जिसमें प्राथमिक सहकारी समिति चेना के समिति प्रबंधक रामबाबू शर्मा, ऑपरेटर सचिन शर्मा, प्राथमिक सहकारी समिति गलेथा के समिति प्रबंधक नीतेश शर्मा, ऑपरेटर  उमाकांत शर्मा, प्राथमिक सहकारी समिति भेंसरोली समिति के प्रबंधक दिलीप सिंह सिकरवार, ऑपरेटर सत्यम सिकरवार, प्राथमिक सहकारी समिति जरेरुआ के समिति प्रबंधक रविन्द्र मोहन गुर्जर, ऑपरेटर गौरव सिंह गुर्जर, प्राथमिक सहकारी समिति जैतपुर नूराबाद के समिति प्रबंधक सुघर सिंह कुशवाह, ऑपरेटर पवन पाल, प्राथमिक सहकारी समिति परसोंटा के समिति प्रबंधक जगदीश प्रसाद धाकड़, ऑपरेटर सचिन धाकड़, प्राथमिक सहकारी समिति उत्तमपुरा के समिति प्रबंधक रामप्रसाद सिंह, ऑपरेटर  आकाश राजपूत, प्राथमिक सहकारी समिति निटेहरा के समिति प्रबंधक दीनबंधु राजपूत, ऑपरेटर सौरभ सेन, प्राथमिक सहकारी समिति सुमावली के समिति प्रबंधक सुरेन्द्र  सिंह गुर्जर, ऑपरेटर अमित सिंह जादौन, प्राथमिक सहकारी समिति खनेता के समिति प्रबंधक पदम सिंह यादव और ऑपरेटर अनिल सिंह राजपूत के खिलाफ कार्रवाही की गई है।  कलेक्टर जांगिड़ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा पंजीयन प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा संपूर्ण प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी पंजीयन सत्यापन में लापरवाही एवं अनियमितता पाए जाने पर संबंधित तहसीलदारों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रचलन में है तथा 15 पटवारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

 कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि जिले में गेहूं विक्रय करने वाले गैर-भूमिस्वामी किसानों की संख्या कुल पंजीकृत 5,730 किसानों में से मात्र 68, अर्थात लगभग 1 प्रतिशत है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ शत-प्रतिशत केवल वास्तविक भूमिस्वामी किसानों को ही प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा तथा उपार्जन व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।