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एक्सपायरी देशी शराब वितरण मामले में कलेक्टर की सख्ती से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई; जांच के बाद कार्य-वाहक आबकारी अधिकारी निलंबित, यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम,1966 के नियम-9 के अंतर्गत की है

दो सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर आबकारी आयुक्त ने निलंबन की बड़ी कार्रवाई की है,18 जून को एक समाचार पत्र में मद्यभाण्डागार मुरैना से एक्सपायरी देशी मदिरा शराब दुकानों को भेजे जाने का समाचार प्रकाशित हुआ था, जांच दल ने 24 जून को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है

ग्वालियर। मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की तत्परता और सख्त रुख के चलते एक्सपायरी देशी मदिरा के वितरण के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। कलेक्टर द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए गठित दो सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना ने कार्य- वाहक जिला आबकारी अधिकारी जितेन्द्र सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत की गई है।

 उल्लेखनीय है कि 18 जून 2026 को एक समाचार पत्र में मद्यभाण्डागार मुरैना से एक्सपायरी देशी मदिरा विभिन्न शराब दुकानों को भेजे जाने संबंधी समाचार प्रकाशित होने पर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने तत्काल दो सदस्यीय जांच दल गठित किया था। जांच दल ने 24 जून 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। 

 जांच में मद्यभाण्डागार के अभिलेखों एवं पोर्टल के परीक्षण के दौरान पाया कि कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी एवं तत्कालीन मद्यभाण्डागार अधिकारी की लॉगिन आईडी एवं डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग कर 9 जून को 200, 12 जून को 60, 15 जून को 25-25 इस प्रकार कुल 310 पेटी देशी मदिरा 60 यूपी धारिता 180 एमएल का प्रदाय विभिन्न कम्पोजिट मदिरा दुकानों को किया गया।   

 जांच प्रतिवेदन के अनुसार संबंधित मदिरा का निर्माण 25 अप्रैल 2025 को हुआ था तथा उसकी वैधता 25 अप्रैल 2026 को समाप्त हो चुकी थी। नियमानुसार इस मदिरा को नष्ट किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करते हुए उसका वितरण किया गया। जांच में यह भी उल्लेख किया कि प्लास्टिक पीईटी बोतलों में पैक अवधि पार मदिरा के सेवन से मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।

   इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3(1) एवं 3(2) का उल्लंघन मानते हुए श्री जितेन्द्र सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश, ग्वालियर निर्धारित किया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।होगा।