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नशामुक्ति जागरूकता सप्ताह; नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है; महेन्द्र सिंह यादव

अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस पर “नशामुक्ति जागरूकता सेमिनार” आयोजित, नुक्कड़ नाटक ने नशे के दुष्परिणामों का सशक्त मंचन कर नशे से दूर रहने का प्रभावी संदेश दिया

ग्वालियर। अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा नशामुक्ति जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत बाल भवन, सिटी सेंटर में नशामुक्ति जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

 कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव एवं अध्यक्षता गंगा जगतगुरु अखाड़ा परिषद के संस्थापक जगतगुरु आनंदेश्वर महाराज ने की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर अनिल बनवारिया, सहायक संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग नम्रता गुप्ता, डॉ. रश्मि मिश्रा, नारकोटिक्स विभाग के आदित्य रंजन, सहायक जिला आबकारी अधिकारी उमेश कुमार एवं ब्रह्माकुमारी संस्थान के  प्रहलाद जी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया । इसके बाद कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने नशे के दुष्परिणामों का सशक्त मंचन कर उपस्थित जनसमूह को नशे से दूर रहने का प्रभावी संदेश दिया।

 कार्यक्रम की रूपरेखा एवं स्वागत उद्बोधन सामाजिक सुरक्षा अधिकारी पूर्वी अग्रवाल ने प्रस्तुत किया।

 अपेक्स बैंक के प्रशासक यादव ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, रोजगार, खेल और राष्ट्र निर्माण में लगाकर नशे से दूर रहने का संकल्प लेना चाहिए।

 जगतगुरु आनंदेश्वर महाराज ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि “संयम, संस्कार और आध्यात्मिकता ही नशे से मुक्ति का सबसे प्रभावी मार्ग है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करे।”

 अपर कलेक्टर अनिल बनवारिया ने कहा कि “नशा मुक्ति केवल शासन का अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन है। जब समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थान और प्रशासन मिलकर कार्य करेंगे, तभी नशामुक्त ग्वालियर एवं नशामुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।”

 सेमिनार में उपस्थित वक्ताओं डॉ. रश्मि मिश्रा, आदित्य रंजन,  उमेश कुमार स्वर्णकार एवं  प्रहलाद जी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार एवं समाज में नशामुक्ति का संदेश पहुँचाने का आह्वान किया।

 कार्यक्रम का संचालन रमन शिक्षा समिति के अध्यक्ष हरिओम गौतम ने किया तथा आकाश वशिष्ठ ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

 कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि  यादव ने उपस्थित सभी लोगों को जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार का नशा न करने का संकल्प दिलाया गया।

 कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।