क्राइम

दो घंटे में खुला कथित 'लूटकांड' का खुलासा;पुरानी छावनी पुलिस ने झूठी कहानी का किया पर्दाफाश, ₹1.65 लाख की फर्जी लूट की साजिश नाकाम

कर्ज चुकाने के लिए ड्राइवर ने रचा था पूरा षड़यंत्र, थाना प्रभारी पुरानी छावनी द्वारा लगातार दो घंटा की गई सघन और कड़ी पूछताछ से टूटा आरोपी के झूठ का जाल

ग्वालियर। पुरानी छावनी थाना पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर ही 'कथित लूट' की सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश कर यह साबित कर दिया कि अपराध चाहे असली हो या झूठा, पुलिस की पैनी नजर से बच पाना आसान नहीं है। एक पिकअप चालक ने ₹1 लाख 65 हजार की लूट की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन पुरानी छावनी थाना प्रभारी संतोष यादव की सूझबूझ और सख्त पूछताछ के आगे उसके पूरे षड़यंत्र की झूठी कहानी धरी रह गई ।

ग्वालियर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फरियादी जबर सिंह गुर्जर निवासी खिरावली, जिला मुरैना ने पुलिस को सूचना दी कि स्टोन-पार्क के पास अज्ञात कार सवार बदमाशों ने उसके साथ मारपीट कर ₹1.65 लाख लूट लिए हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया इस मामले से अवगत कराया और पुलिस टीम के साथ तत्काल ही घटना-स्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच शुरू कर दी।

घटना-स्थल के हालात और फरियादी के बयान में लगातार सामने आ रहे विरोधाभासों ने पुलिस का शक को गहरा दिया। इसके बाद फरियादी को थाने लाकर वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से उससे कड़ी पूछताछ की गई। 

करीब दो घंटे चली पूछताछ में आखिरकार फरियादी टूट गया और उसने स्वीकार किया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था। मालिक के रुपये अपने कर्जदार को देने के बाद हिसाब देने से बचने और खुद को बचाने के लिए उसने लूट की पूरी झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने समय रहते फर्जी लूट का खुलासा कर न केवल अनावश्यक जांच और संसाधनों की बर्बादी रोकी, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि झूठी शिकायत देकर पुलिस को गुमराह करने वालों के खिलाफ भी पुलिस की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह सराहनीय कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं सीएसपी के निर्देशन में थाना प्रभारी पुरानी छावनी के नेतृत्व में संपन्न हुई। पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई, गहन विवेचना और पेशेवर कार्यशैली के चलते महज दो घंटे में फर्जी लूट की परतें खुल गईं और सच्चाई सबके सामने आ गई।