ग्वालियर। नगर निगम ग्वालियर ने एलआईसी कार्यालय के सामने स्थापित ओएमडी क्र.-727 के यूनिपोल पर लगे होर्डिंग स्ट्रक्चर के गिरने की घटना के संबंध में जांच के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित स्ट्रक्चरल इंजीनियर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए उन्हें आगामी एक वर्ष की अवधि के लिए नगर निगम ग्वालियर के समस्त स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग कार्यों से प्रतिबंधित (डिबार) कर दिया गया है।
नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार 13 जून 2026 को हुई दुर्घटना के उपरांत संबंधित स्ट्रक्चरल इंजीनियर हिमांशु निगम से जारी स्ट्रक्चरल प्रमाणपत्र एवं डिजाइन के संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। प्राप्त जवाब के आधार पर विभागीय स्ट्रक्चरल इंजीनियर द्वारा स्थल निरीक्षण कर 25 जून 2026 को परीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि स्ट्रक्चरल डिजाइन में आवश्यक तकनीकी मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया। निरीक्षण के दौरान ओवरटर्निंग मोमेंट का उचित आकलन नहीं किया जाना, डिजाइन में सामान्य मानकों से कम विंड स्पीड का उपयोग तथा गैन्ट्री की ऊंचाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया जाना जैसी गंभीर तकनीकी कमियां सामने आईं हैं, जिनके कारण स्ट्रक्चर के असफल होने की संभावना व्यक्त की गई।
नगर निगम ने जांच प्रतिवेदन, उपलब्ध अभिलेखों एवं प्राप्त स्पष्टीकरण के परीक्षण के उपरांत निष्कर्ष निकाला कि संबंधित स्ट्रक्चरल प्रमाणपत्र एवं डिजाइन आवश्यक तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं थे। इसके आधार पर संबंधित ओएमडी की अनुमति पूर्व में ही निरस्त की जा चुकी थी।
नगर निगम आयुक्त के आदेशानुसार स्ट्रक्चरल इंजीनियर हिमांशु निगम (पंजीयन क्रमांक 035/2025) का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही उन्हें 25 जून 2026 से आगामी एक वर्ष की अवधि के लिए नगर निगम ग्वालियर के समस्त स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग कार्यों से प्रतिबंधित (Debarred) कर दिया गया है।
स्वीकृत साइज से बड़ा लगाया था होर्डिंग, दो की अनुमति की तत्काल निरस्त
बता दें कि 13 जून शुक्रवार की रात आई हल्की आंधी से फूलबाग एलआईसी कार्यालय के सामने स्थित होर्डिंग संख्या OMD-727 स्ट्रक्चर सहित गिर गया था। होर्डिंग गिरने की सूचना पर नगर निगम की विज्ञापन शाखा के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार होर्डिंग अपने तय आकार से अधिक बड़ा लगा था। सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने पर नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की। आयुक्त के निर्देश पर निगम ने OMD-727 एवं OMD-728 की अनुमति (NOC) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई। वहीं मामले में स्ट्रक्चरल सेफ्टी प्रमाण-पत्र जारी करने वाले इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
नगर निगम की विज्ञापन शाखा के नोडल अधिकारी ने बताया था कि निरीक्षण में पाया गया कि OMD-727 पर स्थापित होर्डिंग का स्ट्रक्चर स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप नहीं था। यह स्ट्रक्चर निजी भूमि पर बना हुआ था तथा निजी व्यक्ति को इसकी परमिशन दी गई थी। साथ ही OMD-728 पर लगे होर्डिंग का आकार भी निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया। इसे मध्यप्रदेश आउटडोर मीडिया नियम-2017 की शर्तों का उल्लंघन भी माना गया है।
निगम ने एजेंसी संचालक को तीन दिन में दोनों होर्डिंगों के स्ट्रक्चर हटाने के निर्देश दिए। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर निगम स्वयं होर्डिंग हटाकर उसका खर्च संबंधित एजेंसी से वसूल करेगा।
*स्ट्रक्चरल इंजीनियर को नोटिस जारी किया था *
दुर्घटना के तुरंत बाद ही स्ट्रक्चरल इंजीनियर हिमांशु निगम को नोटिस जारी करके पूछा गया था कि उनके द्वारा जारी स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट का आधार क्या था। डिजाइन, विंडलोड विश्लेषण और निर्माण गुणवत्ता का परीक्षण किन मानकों के आधार पर किया गया है। साथ ही इंजीनियर को तीन दिन के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
*शहर में लगे होर्डिंग्स की जांच के भी निर्देश दिए गए थे *
बारिश के मौसम में आंधी चलने की पूरी संभावना को देखते हुए ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार से जान-माल के नुकसान से बचने के लिए निगमायुक्त संघ प्रिय ने विज्ञापन शाखा को निर्देश दिए हैं की शहर में लगे होर्डिंग्स की जांच की जाए। जिसमें सुरक्षा नियमों के पालन की स्थिति को परखा जाए। साथ ही यह भी देखा जाए की होर्डिंग का आकार तय सीमा से अधिक तो नहीं है। अगर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो होर्डिंग लगाने वाली कंपनी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
