ग्वालियर। खरीफ मौसम के लिये ग्वालियर जिले में सरकार द्वारा किसानों की आवश्यकता के अनुरूप रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। किसान भाईयों से अपील की गई है कि उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता या घबराहट में न रहें और खाद के अनावश्यक भंडारण से भी बचें। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने किसान भाईयों से यह भी अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद की खरीद करें।
उप संचालक कृषि ने बताया कि बाजार में कभी-कभी डीएपी अथवा अन्य उर्वरकों से मिलते-जुलते नामों, आकर्षक पैकेजिंग अथवा भ्रामक प्रचार के माध्यम से उत्पादों की बिक्री किए जाने की संभावना रहती है। ऐसे में किसान भाई उर्वरक खरीदने से पहले उसके ब्रांड, ग्रेड, निर्माता कंपनी, पोषक तत्वों की मात्रा तथा पैकेट पर अंकित अन्य विवरणों का सावधानीपूर्वक अवलोकन अवश्य करें।
ई-टोकन से ही लें खाद, खाद का पक्का बिल अवश्य लें
किसानों भाईयों से यह भी आग्रह किया गया है कि केवल ई-टोकन व्यवस्था के माध्यम से खाद प्राप्त करें। खरीद के समय पक्का बिल अथवा कैश मेमो अवश्य लें। बिना बिल या अप्रमाणित स्रोत से खरीदे गए उर्वरकों की गुणवत्ता एवं प्रामाणिकता की पुष्टि करना कठिन होता है। इसलिए खरीदी का बिल सुरक्षित रखना भी आवश्यक है।
नकली अथवा अमानक खाद की जानकारी अवश्य दें
कृषि विभाग ने यह भी आग्रह किया है कि यदि किसी विक्रेता द्वारा संदिग्ध, नकली अथवा अमानक उर्वरक बेचे जाने, निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने, कालाबाजारी किए जाने अथवा वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल उप संचालक कृषि कार्यालय अथवा संबंधित विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी को दें। प्राप्त शिकायतों की त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक जानकारी अथवा अपुष्ट प्रचार के प्रभाव में न आएं और केवल प्रमाणित, गुणवत्तायुक्त एवं विभाग द्वारा अनुमोदित उर्वरकों का ही उपयोग करें। किसानों के हितों की सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग द्वारा जिले में निरंतर निगरानी एवं निरीक्षण की कार्यवाही की जा रही है।
