राजनीति

एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती का सबसे प्रभावी साधन, एसआईआर प्रक्रिया में पूर्ण मनोयोग के साथ जुट जाएं, बिहार की प्रचंड जीत के पीछे संगठन की शक्ति ही आधार है:तरूण चुघ

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं एसआईआर के राष्ट्रीय प्रभारी तरूण चुघ, प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने ग्वालियर में संभागीय बैठक को किया संबोधित

मतदाता सूची की एक गलती बदल सकती है परिणाम, संगठन की शक्ति और 2028 की जीत, दोनों का आधार एसआईआर है, यह प्रक्रिया हमारे लिए भविष्य की चुनावी सफलता की कुंजी: खण्डेलवाल

एसआईआर को पूरी गंभीरता से लागू कर मजबूत करें मेरा बूथ सबसे मजबूत, -मेरा बूथ सबसे मजबूत करने की पहली सीढ़ी मतदाता सूची को सही करना है:- हितानंद 

ग्वालियर/भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं एसआईआर के राष्ट्रीय प्रभारी तरूण चुघ, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने रविवार को ग्वालियर के आकाशवाणी तिराहा स्थित होटल रमाया में ग्वालियर-चंबल संभाग की  एसआरआई को लेकर आयोजित संभागीय बैठक को संबोधित किया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने एसआईआर प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। एसआईआर एक पूरी तरह सामान्य, नियमित और संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसका पालन हर सरकार, चाहे किसी भी दल की हो अनिवार्य रूप से करती है। एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती का सबसे प्रभावी साधन है, इसलिए कार्यकर्ताओं को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जुटना हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल ने कहा कि एसआईआर कोई साधारण या एक दल से संबंधित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि वर्ष 2028 के चुनाव में भाजपा की जीत और हार को निर्णायक रूप से प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण चुनावी सफलता की कुंजी है। संगठन की शक्ति और 2028 की जीत, दोनों का आधार एसआईआर है। मतदाता सूची की एक गलती से परिणाम बदल सकते है, इसलिए कार्यकर्ता एसआईआर को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर कार्य में जुट जाएं। विधानसभा चुनाव 2028 एवं लोकसभा चुनाव की प्रचंड जीत का आधार, बूथ मजबूती और बीएलए की सक्रिय भूमिका रहेगी। भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना हम सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। एसआईआर को पूरी गंभीरता से लागू कर मेरा बूथ सबसे मजबूत बनाने की जिम्मेदारी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की है। बैठक को एसआईआर समिति के प्रदेश संयोजक व विधायक भगवानदास सबनानी ने भी संबोधित किया।

भाजपा का उद्देश्य मात्र सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनसेवा है

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरूण चुघ ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक कार्यकर्ता को वोट देने का अधिकार सुनिश्चित करना अत्यधिक जरूरी है और इसी मतदान व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एसआईआर की प्रक्रिया की आवश्यकता पड़ती है। यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए गंभीर जिम्मेदारी है। इसलिए हर कार्यकर्ता को इसे अत्यंत गंभीरता, प्रतिबद्धता और पूर्ण दक्षता के साथ पूरा करना है। मध्यप्रदेश और गुजरात के भाजपा कार्यकर्ता हमेशा से संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने, बूथ प्रबंधन मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाते आ रहे हैं। 

जब मंथन होता है, तो हलाहल भी निकलता है : चुघ

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरूण चुघ ने कहा कि बिहार में पार्टी कार्यकर्ताओं ने समुद्र मंथन जैसा कठोर परिश्रम किया और जब मंथन होता है, तो हलाहल भी निकलता है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने वह हलाहल पीकर लोकतंत्र के अमृत को सुरक्षित रखा। इसीलिए एसआईआर केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भाजपा की राजनीतिक संस्कृति और संगठनात्मक मजबूती का आधार है। बीएलए जितना सक्रिय होगा, बूथ उतना मजबूत बनेगा और चुनाव उतना अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय होगा। निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। आज बड़ी संख्या में लोग नौकरी या रोजगार के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं, जिससे उनके नाम एक से अधिक स्थानों की सूची में दर्ज हो जाते हैं। कई मतदाताओं की मृत्यु के बाद भी उनके नाम सूची में बने रहते हैं। इसके अलावा कुछ अवांछित नाम जुड़वा देते हैं, ऐसे मामलों की पहचान और सुधार के लिए एसआईआर आवश्यक है। 

2028 की जीत के लिए युद्धस्तर पर काम जरूरी: खण्डेलवाल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की तासीर ही ऐसी है कि यहाँ भाजपा का काम हर क्षेत्र में उत्कृष्ट रहता है और संगठन हर चुनौती को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है। एसआईआर कोई साधारण या एक दल से संबंधित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि वर्ष 2028 के चुनाव में भाजपा की जीत और हार को निर्णायक रूप से प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक है। वर्ष 2028 की चुनावी सफलता के लिए जितनी अधिक गंभीरता अभी दिखाई जाएगी, सफलता उतनी ही सुनिश्चित होगी। इसलिए एसआईआर को पूर्ण समर्पण, एकजुटता और युद्धस्तर की तत्परता के साथ लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा इस प्रक्रिया को केवल औपचारिकता मानकर चलेगी, तो आने वाले समय में चुनाव हमारे लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकते हैं। लोकसभा और विधानसभा दोनों ही चुनावों में भाजपा के लिए सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण वे दो संभाग हैं, जहाँ पिछले वर्षों में बेहद कम मतों के अंतर से जीत-हार तय हुई थी। ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में मतदाता सूची की शुद्धता का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। वर्ष 2003 के पहले हुए परिसीमन के बाद वर्तमान मतदाता सूचियों में जिन नामों का पुनर्वितरण हुआ, उनकी सटीकता, सत्यता और अद्यतन स्थिति सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। यदि मतदाता सूची में एक भी त्रुटि रहती है तो उसका सीधा प्रभाव विधानसभा क्षेत्रों के परिणामों पर पड़ सकता है।

एसआईआर सफलता के लिए मिशन मोड में जुटे कार्यकर्ता

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि विधायकगण अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर उपस्थिति बनाए रखें, बूथ स्तर तक निगरानी रखें और एसआईआर की प्रगति पर नियमित बैठकें आयोजित करें। यह सिर्फ एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि संगठन की सामूहिक ज़िम्मेदारी है जो भविष्य की चुनावी जीत को तय करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यकर्ता को यदि एसआईआर प्रक्रिया में कोई समस्या आए, चाहे वह तकनीकी हो, समन्वय से संबंधित हो या प्रशासनिक, तो वे तुरंत अपने संभाग प्रभारी से संपर्क करें। समस्या निवारण और मार्गदर्शन के लिए पार्टी की पूरी व्यवस्था कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है। उन्होंने बीएलए की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रत्येक बीएलए-1 अपने क्षेत्र के बीएलए-2 के साथ लगातार संवाद में रहे, बूथ-दर-बूथ समीक्षा करें और आवश्यक दस्तावेजों की सत्यता की जाँच करें। दोनों मिलकर निष्ठा, ईमानदारी और पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें ताकि एसआईआर को अपेक्षित सफलता मिल सके। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया भाजपा की संगठनात्मक शक्ति का आधार है। एसआईआर केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि भाजपा की भविष्य की जीत, बूथ मजबूती, पारदर्शिता और मतदाता विश्वास का असली स्तंभ है। उन्होंने आह्वान किया कि वे मिशन मोड में आकर कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि मध्यप्रदेश 2028 के चुनाव में भी प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा का परचम लहराए।

बूथ की मजबूती ही चुनाव में सफलता की नींव है: हितानंद 

भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। आगामी चुनावों की दृष्टि से मतदाता सूची ही चुनाव का सबसे बड़ा और प्रभावी हथियार है, इसलिए इसे शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 65 हजार से अधिक बूथ हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या में और वृद्धि होने वाली है। ऐसे में बूथों को मजबूत करने, संगठन को सुदृढ़ करने और मतदाता सूची को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की है। मेरा बूथ सबसे मजबूत करने की पहली सीढ़ी मतदाता सूची को सही और अद्यतन करना ही है। इस कार्य के लिए सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, जनप्रतिनिधि, मंडल पदाधिकारी और बूथ कार्यकर्ता सभी को समन्वय के साथ लगातार बैठकें कर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, नारायण सिंह कुशवाह, ऐंदल सिंह कंषाना, संभाग प्रभारी विजय दुबे, सांसद  भारत सिंह कुशवाह, प्रदेश उपाध्यक्ष व संभाग प्रभारी डॉ. निशांत खरे, संभाग प्रभारी अभय यादव सहित पार्टी के वरिष्‍ठ नेता, संभाग के प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, एसआईआर के जिला संयोजक, जनप्रतिनिधि एवं बीएलए-1 उपस्थित रहे।रहे।