ग्वालियर /भोपाल। प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। ग्वालियर,चंबल और सागर संभाग के 9 जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा। ग्वालियर चंबल अंचल में इससे पहले एक पखवाड़े से मौसम साफ रहा है और लोग गर्मी से परेशान रहे।
मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के साथ ही साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। इसी कारण आगामी 4 दिनों तक ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और प्रदेश रीवा संभाग में मौसम में बदलाव आया है। शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी, निवाड़ी आदि जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मात्र 3 घंटे में ही पारा 7.1 डिग्री लुढ़का, सर्दी ने दस्तक दी
अंचल के साथ ही शहर में पिछले एक पखवाड़े से दिन में गर्मी झेल रहे शहरवासियों को गुरुवार शाम मौसम के करवट बदलते ही, लोगों को राहत महसूस हुई। दिन-भर तेज धूप और गर्मी के बाद अचानक आसमान में बादलों ने डेरा डाला और तेज हवाएं चलना शुरू हो गई। उधर ग्रामीण क्षेत्रों से बूंदाबांदी की खबरें भी सामने आई हैं। जिसके चलते मात्र 3 घंटे में ही पारा 7.1 डिग्री गिर गया। जहां तापमान दोपहर में तापमान 34.7 डिग्री पर था, जो शाम को गिरकर 27 डिग्री पर आ गया। तेज हवाएं और बूंदाबांदी के असर से शाम 7 बजे तक पारा लगभग 25 डिग्री तक पहुंच गया था। वही बीते रोज ग्वालियर का अधिकतम तापमान 34.7 और न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री दर्ज किया गया है। जबकि सुबह की आर्द्रता 74% और शाम को 63% रही।
इस साल सामान्य से कम हुई बारिश
जून से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसूनी सीजन के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 % कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।
