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"स्वच्छ भारत मिशन 2026-27"; छात्राओं ने जब्त की 300 Kg पॉलीथिन: अभियान में प्रतिदिन एक स्कूल के छात्रों के साथ मिलकर आसपास के बाजारों से पॉलीथिन जब्त की जा रही हैं

इस अभियान के दौरान नगर निगम की डब्ल्यूएचओ और एसटीएफ टीमों ने मौके पर पॉलीथिन का उपयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की

प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नगर निगम द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है, मंगलवार को सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल,शिंदे की छावनी की छात्राओं ने क्षेत्र में पॉलीथिन उपयोग करने वाले दुकानदारों एवं ठेलेवालों से नगर निगम के साथ मिलकर पॉलीथिन जब्त की


ग्वालियर। स्वच्छ भारत मिशन 2026-27 के अंतर्गत नगर निगम द्वारा प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, षिंदे की छावनी की छात्राओं ने आसपास के क्षेत्र में पॉलीथिन का उपयोग करने वाले दुकानदारों एवं ठेलेवालों से नगर निगम के साथ मिलकर पॉलीथिन जब्त की। साथ ही उन्हें पॉलीथिन के विकल्प के रूप में कपड़े या जूट के थैले, बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग और माइक्रो-ओवन वाले बैग इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया।

 नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी के निर्देश एवं अपर आयुक्त  टी. प्रतीक राव के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान के दौरान दुकानदारों और ठेले वालों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रतिदिन एक स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर आसपास के बाजारों से पॉलीथिन जब्त की जा रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, शिंदे की छावनी की छात्राओं ने अपने आस-पास के बाजारों, हाथ-ठेले वालों और सब्जी मंडियों में पॉलीथिन जब्त कर जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान में 300 से ज्यादा छात्राओं ने हिस्सा लिया और 300 किलोग्राम से ज्यादा सिंगल-यूज पॉलीथिन जब्त की गई। इस दौरान नगर निगम की डब्ल्यूएचओ और एसटीएफ टीमों ने मौके पर पॉलीथिन का उपयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की।

अभियान के दौरान बताए पॉलीथिन के विकल्प

अभियान के दौरान दुकानदारों और आम जनता को पॉलीथीन का इस्तेमाल न करने की समझाइश दी गई और इसके विकल्प के रूप में कपड़े या जूट के थैले, बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग और माइक्रो-ओवन वाले बैग इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया। साथ ही, लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमोशन के तौर पर मुफ्त बैग भी बांटे गए।