तेजी से औद्योगिक तरक्की करने में देश में अव्वल है मप्र,प्रदेश में निवेशकों का अभूतपूर्व निवेश मेड इन एमपी, फेथ इन एमपी का उत्कृष्ट उदाहरण, मप्र में बेरोजगारी दर सबसे कम, मप्र से 76 हजार करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात हमारी बढ़ती क्षमता का प्रतीक, जीआईएस-25 में मिले 30 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव अब उतर रहे धरातल पर
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल तो है ही, अब देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों के दिलों में भी बसता है। औद्योगिक प्रक्षेत्र मालनपुर में गोदरेज की चौथी नई एकीकृत विनिर्माण इकाई का शुभारंभ उद्योग जगत के मध्यप्रदेश पर दिनों-दिन बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि चम्बल अब तेजी से बदल रहा है। प्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति में चम्बल अपने इतिहास को पीछे छोड़कर अब पूरी क्षमता से अपनी एक नई पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को भिंड जिले के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की चौथी नवीन एकीकृत औद्योगिक (विनिर्माण) इकाई का शुभारंभ किया। गोदरेज ग्रुप द्वारा लगभग 450 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश से स्थापित यह इकाई मध्यप्रदेश में बढ़ते औद्योगिक विश्वास और ग्वालियर-चंबल अंचल में बदलते निवेश परिदृश्य का महत्वपूर्ण प्रतीक है। गोदरेज की इस चौथी नई एकीकृत विनिर्माण इकाई में 600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के बदलते स्वरूप के बारे में कहा कि चंबल की भूमि बेहद उपजाऊ है। आज लगातार यहां नई-नई औद्योगिक इकाइयां लग रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोदरेज ने लगभग तीन दशक पहले मालनपुर में पहली इकाई स्थापित करते समय चुनौतियों के बजाय संभावनाओं को देखा। आपने बीहड़ नहीं, भविष्य देखा। चुनौती नहीं, संभावना देखी। उन्होंने कहा कि गोदरेज का यह 450 करोड़ रुपये का निवेश ‘मेड इन एमपी’ और ‘फेथ इन एमपी’ का उत्कृष्ट उदाहरण है। मालनपुर अब ग्वालियर-चंबल के औद्योगिक विकास का कैटेलिस्ट बन रहा है। यहां टॉय से लेकर टायर तक के उद्योग विकसित हो रहे हैं। एलेक्सर इंडस्ट्रीज द्वारा 1500 करोड़ रुपये का निवेश, गौतम सोलर की सोलर सेल निर्माण इकाई तथा मवई में ग्लास मैन्युफैक्चरिंग इकाई सहित अनेक परियोजनाएं क्षेत्र के औद्योगिक विस्तार को गति दे रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारा मध्यप्रदेश देश का सबसे तेज गति से औद्योगिक प्रगति हासिल करने वाला राज्य बन गया है। मध्यप्रदेश की बेरोजगारी दर पूरे देश में सबसे कम है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि आइए, मप्र में उद्योग लगाइए और अपना बिजनेस भी बढ़ाइए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में गोदरेज का सफर राज्य की औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्धता और उद्योगों के साथ स्थायी पार्टनरशिप का प्रमाण है। वर्ष 1991 में मालनपुर में अपनी पहली इकाई की स्थापना से लेकर आज अपने विस्तारित मैन्युफैक्चरिंग हब के उद्घाटन तक गोदरेज कंपनी ने लगातार मध्यप्रदेश में रोजगार निर्माण, औद्योगिक विकास और आर्थिक वृद्धि में अपना योगदान दिया है। आज के शुभारंभ से मालनपुर को एशिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड सोप मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का गौरव हासिल हो गया है। प्लांट के कर्मचारियों में महिलाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में इस पार्टनरशिप को और अधिक मजबूत करने में यह इकाई महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ग्वालियर-चंबल में दो महीने के अंदर तीसरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्यप्रदेश बदल रहा है। यहां लगातार औद्योगिक निवेश आने और फैक्ट्रियों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन का क्रम जारी है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पिछले करीब दो महीने में आज तीसरी औद्योगिक ईकाई का शुभारंभ हो रहा है। पहले गुना में लगभग 1500 करोड़ के निवेश से सीमेंट प्लांट, शिवपुरी में डिफेंस सेक्टर के मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट और आज मालनपुर में 450 करोड़ के निवेश से गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की नई यूनिट का शुभारंभ हुआ है। विभिन्न इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में हमारी सरकार ने औद्योगिक समूहों के साथ एमओयू किए हैं, जो आज मूर्तरूप ले रहे हैं। एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री अब मालनपुर में है, यहां प्रति मिनट 4000 साबुन तैयार हो सकते हैं। गोदरेज समूह ने प्रतिबद्धता के बल पर दुनिया में अपनी अलग साख और थाक बनाई है। औद्योगिक घरानों के प्रयासों से कई घरों में आर्थिक समृद्धि और विकास की नई रौशनी आती है।
प्रदेश की समृद्धि के लिए हम केन्द्र के साथ कर रहे है कदम ताल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिंड जिले में बहुत जल्द 1500 करोड़ के निवेश से बन रही औद्योगिक ईकाई का लोकार्पण किया जाएगा। मध्यप्रदेश युवाओं की समृद्धि और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने भारत सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। भोपाल में पिछले साल हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) में 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से 30 प्रतिशत धरातल पर उतर चुके हैं और करीब 10 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक ईकाइयां मूर्तरूप ले रही हैं। कई फैक्ट्रियों ने अपना उत्पादन भी शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश की विदेशी निर्यात क्षमता बढ़कर अब 76 हजार करोड़ हो चुकी है। मध्यप्रदेश की सीमाओं पर कोई समुद्र नहीं है, लेकिन हमारे उत्पाद सात समंदर पार दूर देशों तक पहुंच रहे हैं।
अब एशिया की सबसे बड़ी सोप मैन्युफैक्वरिंग सुविधा मालनपुर में है
गोदरेज ग्रुप की एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन सुश्री निसाबा गोदरेज ने कहा कि इस विस्तार के बाद अब एशिया की सबसे बड़ी सोप मैन्युफैक्वरिंग सुविधा मालनपुर में है। इस प्लांट में हर मिनट 4,000 तक सोप बार बना सकते हैं। यह अत्याधुनिक प्लांट गोदरेज और मध्यप्रदेश के बीच 35 सालों की पार्टनरशिप प्रदर्शित करता है, जो 1991 में मालनपुर में हमारे पहले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के साथ शुरू हुई थी। जिसमें अब तक कुल 850 करोड़ का निवेश हो चुका है, जहां साबुन, हेयर कलर्स, घरेलू कीटनाशकों आदि का निर्माण होता है। इस साईट में 480 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ चौथी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की गई है। यह प्लांट पूरी तरह ऑपरेशनल होने के बाद 3,800 करोड़ रुपये के टर्नओवर का निर्माण करेगा। इस फैक्ट्री ने मैन्युफैक्चरिंग में महिलाओं के लिए अवसरों का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले साल मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं को नाईट शिफ्ट में काम करने में समर्थ बनाने के लिए जो कदम उठाया है और उनकी सुरक्षा के जो उपाय किए हैं, उससे हमारा उत्साह काफी बढ़ा है। इस फैसले से महिलाओं के लिए नौकरियों, कौशल और लीडरशिप की भूमिकाओं के अवसर बढ़े हैं।
कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, भिंड की सांसद संध्या राय, विधायक केशव देसाई, विधायक अंबरीश शर्मा, विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष कामना भदौरिया, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन अध्यक्ष संजय नागाइच, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, देवेन्द्र सिंह नरवरिया, गोदरेज ग्रुप के प्रेसिडेंट राकेश स्वामी, गोदरेज समूह के सभी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
