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"लता मंगेशकर सुगम संगीत"- संभागीय प्रतियोगिता 10 सितम्बर को; जूनियर व सीनियर वर्ग में होगी स्पर्धा, प्रतियोगिता में भाग लेने 04 सितम्बर तक आवेदन मान्य होंगे, दोनों वर्गों में मिलेंगे प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार

स्वर कोकिला 'भारत रत्न लता मंगेश्कर' की स्मृति में यह प्रतियोगिता हर साल राज्य शासन के संस्कृति विभाग से संबद्ध उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी द्वारा प्रति वर्ष आयोजित की जाती है

ग्वालियर। महान पार्श्व गायिका लता मंगेशकर सुगम संगीत संभागीय प्रतियोगिता वर्ष 2026-27 का आयोजन 06 से 15 सितम्बर तक होने जा रहा है। स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेश्कर की स्मृति में यह प्रतियोगिता हर साल राज्य शासन के संस्कृति विभाग से संबद्ध उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी द्वारा हर साल आयोजित की जाती है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाता है। ग्वालियर में इस वर्ष लता मंगेशकर सुगम संगीत संभागीय प्रतियोगिता का आयोजन 10 सितम्बर को सुबह 10 बजे से शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय में होगा। निदेशक उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रतियोगिता पूर्णत: नि:शुल्क होगी। प्रतियोगिता दो आयु वर्गों में आयोजित की जाएगी।

इसमें जूनियर 8 से 15 वर्ष एवं सीनियर 16 से 25 वर्ष के दो आयु वर्ग हैं। आयु निर्धारण की तिथि 01 जनवरी 2026 होगी। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये आवेदन पत्र (फॉर्म) एवं नियमावली अकादमी की बेवसाईट https://kalaacademymp.com अथवा संबंधित कॉलेज एवं अकादमी कार्यालय से शासकीय कार्य दिवसों में प्राप्त किये जा सकेंगे। प्रतिभागियों के आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 04 सितम्बर शाम 5.00 बजे तक निर्धारित की गई है। अन्य जानकारी के लिए अकादमी के समन्वयक जितेन्द्र सिंह तोमर - 7987460235 अथवा पियूष शांडिल्य- 9039836032 से संपर्क किया जा सकता है। 

दोनों वर्गों में मिलेंगे प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार 

संभागीय लता मंगेशकर सुगम संगीत प्रतियोगिता में जूनियर एवं सीनियर आयु वर्ग के लिए पृथक-पृथक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 10000/-, 5000/- एवं 3000/- रूपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जायेगी। अकादमी किसी परिस्थिति में इस गतिविधि को पूर्ण रूप से निरस्त करने के लिए स्वतंत्र है। प्रतियोगिता से संबंधित कोई वाद-विवाद स्वीकार योग्य नहीं होगा।