राजनीति

“मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान”; जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर बना भरोसे व समाधान का सशक्त मंच, उद्यमी संवाद बना युवाओं के लिये आकर्षण का केन्द्र,डबरा में लगा जिला स्तरीय शिविर, शिविर से पहले किया संस्थाओं का निरीक्षण

समस्याओं के निराकरण के साथ मौके पर ही बनाए गए प्रमाण-पत्र, सीएम हैल्पलाइन की 769 शिकायतों का हुआ निराकरण, शिविर में 133 आवेदन आए

ग्वालियर। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत डबरा में आयोजित हुआ जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर आमजन और प्रशासन के बीच भरोसे को और समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा। शिविर में प्राप्त अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरण, नामांतरण, जाति व मूलनिवासी प्रमाण-पत्र, पात्रता पर्ची, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनाने जैसे काम भी प्रमुखता से हुए। वहीं सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर सफलतापूर्वक उद्यम चला रहे डबरा क्षेत्र के उद्यमियों ने अपने प्रेरक अनुभव साझा कर युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिविर में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगा व मेडीकल बोर्ड भी बैठा। शिविर का शुभारंभ सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मुख्यमंत्री की पहल पर प्रदेश के साथ ग्वालियर जिले में भी जनता से सीधा संवाद कर समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत हर शुक्रवार को शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में इस शुक्रवार को डबरा में जिला स्तरीय शिविर एवं जिले के सभी विकासखंडों व नगरीय निकायों में क्लस्टर शिविर लगाए गए। डबरा में आयोजित शिविर के माध्यम से सीएम हैल्पलाइन की 769 शिकायतों का निराकरण किया गया। इसके अलावा शिविर में 133 लोगों ने अपनी समस्यायें दर्ज कराईं। इनमें से बहुत सी समस्याओं का निराकरण किया गया। शेष समस्याओं को निराकृत करने के लिये सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया गया है।

ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने डबरा के कम्युनिटी हॉल में आयोजित हुए जिला स्तरीय शिविर में मौजूद हितग्राहियों को संबोधित करते हुए कहा कि खुशी की बात है कि मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने जिला स्तरीय अधिकारियों को सीधे जनता के बीच भेजकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में भरोसा दिलाया कि पात्र होने के बावजूद जिन लोगों के नाम पीएम आवास योजना की सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, उनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही कहा डबरा शहर के लिए एक और बायपास निर्माण की कार्य-योजना तैयार की गई है। कार्यक्रम में मौजूद पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का उन्होंने आह्वान किया कि वे अपनी ग्राम पंचायत में जो कार्य कराना चाहते हैं, उनके प्रस्ताव तैयार कराएं। शासन से इसे मूर्तरूप लेने के लिये धनराशि उपलब्ध कराई जायेगी।

पूर्व मंत्री इमरती देवी ने कहा कि सरकार द्वारा शिविर लगाकर एक ही स्थान पर तमाम योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही समस्यायें भी निराकृत की जा रही हैं। डबरा विधायक  सुरेश राजे ने भी विचार व्यक्त किए। शिविर में नगर पालिका अध्यक्ष डबरा लक्ष्मीदेवी राजा,भाजपा जिला अध्यक्ष ग्रामीण प्रेम सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि मंचासीन थे।

 जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, अपर जिला दंडाधिकारी सीबी प्रसाद एवं एसडीएम डबरा  जुही गर्ग सहित जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारियों ने शिविर में जन समस्यायें सुनीं, और आमजन से आवेदन प्राप्त कर  निराकरण भी कराया। शिविर में सभी विभागों के काउण्टर बनाए गए थे। साथ ही लोगों की शिकायतें दर्ज करने के लिये अलग से एक विशेष काउण्टर भी लगाया था। शिविर में बच्चों एवं महिलाओं को महिला-बाल विकास विभाग द्वारा पौष्टिक बिस्किट पैकेट भी वितरित किए गए।

शिविर से पहले मैदान में पहुँचे लगभग 50 अधिकारी, संस्थाओं व कार्यों का किया निरीक्षण

डबरा में आयोजित इस शिविर से पहले जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत व एडीएम सीबी प्रसाद सहित जिले के विभिन्न विभागों के जिला व खंड स्तरीय स्तरीय लगभग 50 अधिकारी मैदान में पहुंचे और अपने-अपने विभागों से संबंधित संस्थाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं एवं गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं व चुनौतियों को जाना। साथ ही निराकरण का भरोसा दिलाकर जन-विश्वास को मजबूत किया। इसके बाद सभी अधिकारी डबरा स्थित कम्युनिटी हॉल में जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में जन समस्याओं का निराकरण करने पहुँचे।

उद्यमियों ने अनुभव साझा किए, युवाओं को मिली आत्मनिर्भरता की प्रेरणा

जिला स्तरीय शिविर में डबरा क्षेत्र के उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं से मिले सहयोग, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया। उद्यमियों के अनुभवों ने मौजूद युवाओं और नए उद्यम स्थापित करने के इच्छुक लोगों को नई दिशा और प्रेरणा प्रदान की। लंदन से एमबीए की डिग्री लेकर आए युवा उद्यमी सुरदीप सेठ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मुझे 25 लाख रुपए का ऋण-अनुदान मिला था। जिससे मैंने डबरा में वायो प्लास्टिक औद्योगिक इकाई स्थापित की है। जिसमें पर्यावरण फ्रेंडली प्लास्टिक बैग तैयार होते हैं, इससे मुझे सालाना लगभग 30 लाख रुपए की आमदनी होने लगी है। इसी तरह मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति से 10 लाख रुपए का लोन लेकर रिंकू जोशी ने डबरा मंडी में अपना कारोबार बढ़ाया है। वे स्वयं तो आत्मनिर्भर बने ही हैं। साथ ही पाँच लोगों को प्रत्यक्ष रूप से एवं लगभग 100 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहे हैं। डबरा निवासी पृथ्वी अमलानी, पुष्पेन्द्र साहू, रितक साहू व महेश कुमार ने भी सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर सफल उद्यम स्थापित किए हैं।