ग्वालियर। महाराज बाड़ा स्थित शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय में बुधवार को “नेशनल लाइब्रेरियन्स-डे” के अवसर पर दुर्लभ एवं बहुमूल्य पुस्तकों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का आयोजन पुस्तकालय के मुख्य हॉल में सुबह 11 से शाम 5 बजे तक किया गया, जिसमें शहर के साहित्यप्रेमियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं पुस्तक प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों से संबंधित ऐसी दुर्लभ पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया, जिनका ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं शोध की दृष्टि से विशेष महत्व है। प्रदर्शनी में प्राचीन पांडुलिपियां, हस्तलिखित ग्रंथ एवं सीमित संस्करण की दुर्लभ पुस्तकें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इसी क्रम में ग्वालियर-चंबल अंचल के प्रसिद्ध साहित्यकारों की कृतियों एवं उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी प्रदर्शित किया गया।
इसके अलावा इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, कला, शिक्षा सहित विभिन्न विषयों की उत्कृष्ट एवं महत्वपूर्ण पुस्तकों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया। पुस्तकालय के स्टाफ द्वारा प्रदर्शनी में आए आगंतुकों को पुस्तकों की विषयवस्तु, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उनके महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। दुर्लभ पुस्तकों को एक ही स्थान पर देखने और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलने से विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं साहित्यप्रेमियों में विशेष उत्साह देखा गया। शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय के क्षेत्रीय ग्रंथपाल राकेश कुमार शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार प्रदर्शनी का 265 से अधिक गणमान्य नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं साहित्य प्रेमियों ने लाभ लिया।आगंतुकों ने दुर्लभ पुस्तकों के अवलोकन के साथ पुस्तकालय की समृद्ध संग्रह परंपरा को करीब से जाना और अपनी रुचि की पुस्तकों का अध्ययन भी किया।
उल्लेखनीय है कि महाराज बाड़ा स्थित शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय, मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन संचालित प्रदेश का प्रथम डिजिटल पुस्तकालय है। नेशनल लाइब्रेरियन्स-डे के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शनी के माध्यम से पुस्तकालय ने अपनी समृद्ध एवं दुर्लभ पुस्तक संपदा को आमजन के समक्ष प्रस्तुत करने के साथ ही पठन-पाठन और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया।दिया।
