भोपाल/ श्योपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बीते रोज मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। उन्होंने भारत के प्रमुख पहल चीता पुनर्वास परियोजना की प्रगति की समीक्षा भी की। इस परियोजना का उद्देश्य देश में विलुप्त हो रही वन्य जीवों की प्रजाति को फिर से बढ़ावा देना है। अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ने उद्यान के चीता प्रबंधन क्षेत्र का दौरा किया, जहां अधिकारियों ने परियोजना की स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी दी।
देश के पहले चीता पुनर्प्रवेश स्थल कूनो को उसकी उपयुक्त आवासीय परिस्थितियों, पर्याप्त शिकार आधार और अपेक्षाकृत कम मानव हस्तक्षेप के कारण प्रोजेक्ट चीता के तहत विकसित किया गया है। राष्ट्रपति मुर्मु के नवंबर 2025 में अफ्रीकी देश बोत्सवाना की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान आठ चीतों के प्रतीकात्मक हस्तांतरण किया गया था। इन चीतों को इस वर्ष फरवरी में परियोजना के नवीनतम चरण के तहत कूनो लाया गया था।
सितंबर 2022 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा इसकी शुरूआत की गई थी। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा लागू किए गए प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य भारत में इस प्रजाति की पुन:स्थापित करना और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करना है। चीतों का पहला जत्था सितंबर 2022 में नामीबिया से आया था, जिसके बाद दूसरा दल फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से आया था। बोत्सवाना द्वारा दान किया गया तीसरा दल फरवरी 2026 में कूनो उद्यान में शामिल किया गया था।
