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  "चीता मित्रों से वन-टू-वन चर्चा "; राष्ट्रपति ने चीता संरक्षण की ली जानकारी और चीता मित्रों के प्रयासों को सराहा, भारत में चीतों की पुनर्बसाहट के लिए यह प्रोजेक्ट अति महत्वपूर्ण है

राष्ट्रपति मुर्मु ने सभी चीता मित्रों से वन-टू-वन चर्चा कर परियोजना के लिए उनके द्वारा मानसेवी रूप से किये जा रहे प्रयासों की सराहना की, कूनो से लगे सभी ग्रामों में चीता मित्र मौजूद है

भोपाल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने दो दिवसीय कूनो नेशनल पार्क के प्रवास के दौरान सोमवार को चीता मित्रों से संवाद कर चीता संरक्षण के प्रयासों की जानकारी ली। राष्ट्रपति ने चीता मित्रों से चर्चा करते हुए उनके द्वारा चीतों की सुरक्षा और आमजन के बीच चीतों के व्यवहार को लेकर किये जा रहे जन- जागरूकता के प्रयासों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी चीता मित्रों से वन-टू-वन चर्चा कर परियोजना के लिए उनके द्वारा मानसेवी रूप से किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।

राष्ट्रपति मुर्मु को चीता मित्रों ने अवगत कराया कि कूनो नेशनल पार्क से लगे सभी ग्रामों में चीता मित्र मौजूद है, जिनके द्वारा चीतो की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। चीतों के आबादी क्षेत्र में आवागमन की स्थिति पर किये जाने वाले कार्यों के संबंध में सभी को अवगत कराया गया है। ग्रामीणों को यह जानकारी भी दी जा रही है कि स्वभाविक रूप से चीते किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते है। चीता जब आबादी क्षेत्र अथवा खेतों में दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को अवगत कराया जाये, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुँचे। भारत में चीतों की पुनर्बसाहट के लिए यह परियोजना अति महत्वपूर्ण है।

इस दौरान चीता मित्र कुलदीप आदिवासी सिलोरी, संग्राम आदिवासी एवं राजनदंनी आदिवासी हथेडी, मल्हा आदिवासी सेसईपुरा, शिवम आदिवासी पालपुर, विनोद आदिवासी पैरा,  रामलखन आदिवासी कराहल,  लालाराम आदिवासी सेसईपुरा,  दौलतराम आदिवासी सेसईपुरा और सतीश आदिवासी मोरावन मौजूद रहें।

इसके साथ ही मौके पर वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव, पीसीसीएफ  शुभरंजन सेन, कमिश्नर सुरेश कुमार, आईजी सचिन अतुलकर, कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ उत्तम कुमार, डीएफओ आर थिरूकुराल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।

वर्तमान में देश में चीतों की संख्या 52 है

उल्लेखनीय है कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की पुनर्स्थापन योजना को लगभग साढ़े तीन वर्ष से अधिक का समय हो गया है। नेशनल पार्क में नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका एवं बोत्सवाना से चीतों को लाया गया है, वर्तमान में देश में चीतों की संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में तथा 03 चीते मंदसौर स्थित गांधी सागर अभ्यारण में मौजूद है। भारत में जन्मे चीतो की संख्या 32 है, चीता प्रोजेक्ट निरंतर सफलता की ओर आगे बढ रहा है।

राष्ट्रपति मुर्मु चीता मित्रों से संवाद के बाद हेलीकॉप्टर से ग्वालियर के लिये रवाना हुई। हेलीपेड पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मीनिस्टर इन वेटिंग एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद  शिवमंगल सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने आदरपूर्वक विदाई दी गई।