राजनीति

"विशेष रजिस्ट्री अभियान"; 'धनतेरस पर ग्वालियर जिले में भी स्वामित्व योजना' में जनप्रतिनिधि गांवों में पहुँचकर ग्रामीणों को रजिस्ट्री सौंपेंगे , रजिस्ट्री- स्टांप शुल्क व पंजीयन फीस वहन सरकार कर रही है, जिले के 01 लाख से अधिक हितग्राही होंगे लाभान्वित

ग्रामीणों को सौंपे जाएंगे स्वामित्व अधिकार अभिलेख:यह विशेष रजिस्ट्री कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होंगे, विशेष गांव- स्तरीय रजिस्ट्री अभियान का आयोजन होगा, जिले के लगभग 01 लाख 05 हजार 309 हितग्राही लाभान्वित होंगे

ग्वालियर जिले में भी धनतेरस 6 नवंबर के अवसर पर स्वामित्व योजना (स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना) के अंतर्गत राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के तहत विशेष गांव- स्तरीय रजिस्ट्री अभियान का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप जनप्रतिनिधि विभिन्न ग्रामों में पहुँचकर ग्रामीणों को रजिस्ट्री सौंपेंगे। साथ ही अपनी मौजूदगी में रजिस्ट्री भी करायेंगे। स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि पर बने मकानों व संपत्तियों के पट्टे की पक्की रजिस्ट्री का पूरा खर्च (स्टांप शुल्क व पंजीयन फीस) राज्य सरकार खुद वहन कर रही है। 

अपर कलेक्टर अनिल बनवारिया ने बताया कि ग्वालियर जिले में स्वामित्व योजना के तहत लगभग 69 हजार 988 आवासीय भूखण्डों के स्वामित्व की रजिस्ट्री संबंधित लोगों को उपलब्ध कराई जायेंगीं। इससे सीधे तौर पर जिले के लगभग 01 लाख 05 हजार 309 हितग्राही लाभान्वित होंगे।

योजना के तहत जिले में अब तक 20 हजार 174 रजिस्ट्री तैयार हो चुकी हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी ग्वालियर जिले के 494 ग्रामों के एक लाख से अधिक हितग्राहियों को भू-स्वामी अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं।

 बनवारिया ने बताया कि विशेष अभियान के तहत धनतेरस के अवसर पर तानसेन तहसील के ग्राम आरोली, डगौरा, ग्वालियर ग्रामीण तहसील के ग्राम कैंथा, मुरार तहसील के ग्राम हीरी, भितरवार तहसील के ग्राम रिछारीखुर्द व डबरा तहसील के ग्राम रायपुर में जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके अलावा जिले के अन्य ग्रामों में भी इसी तरह स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में रजिस्ट्री वितरण और रजिस्ट्री करने का कार्य किया जायेगा।जायेगा।